चतरा में जमीन खाली कराने पहुंची टीम के सामने महिला ने पेट्रोल डालकर लगाई आग, बचाने में बेटा और ASI भी झुलसे
चतरा: जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने पहुंची प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में बुधवार को चतरा शहर के केशरी चौक के पास अचानक हालात बेकाबू हो गए। गौरक्षणी के सामने कार्रवाई के दौरान एक महिला के आग की चपेट में आने से हड़कंप मच गया। महिला को बचाने की कोशिश में उसका बेटा और ड्यूटी पर तैनात एक एएसआई भी झुलस गए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घटना में रीना देवी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। उनके बेटे धीरज कुमार और एएसआई प्रवीण कुमार के भी झुलसने की सूचना है। तीनों को आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचाया गया। रीना देवी की स्थिति गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रांची रिम्स रेफर कर दिया।
कब्जे की कार्रवाई के दौरान शुरू हुआ विरोध
बताया जा रहा है कि जमीन से जुड़े विवाद में प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची थी। टीम की ओर से जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही थी। इसी दौरान वहां मौजूद परिवार के सदस्यों ने कार्रवाई का विरोध किया।
विरोध के बीच घटनाक्रम अचानक गंभीर हो गया। प्रत्यक्ष रूप से सामने आई जानकारी के अनुसार, रीना देवी ने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। इसके बाद आग लग गई। महिला को बचाने के लिए आसपास मौजूद लोग और पुलिसकर्मी दौड़े। इसी दौरान धीरज कुमार और एएसआई प्रवीण कुमार भी आग की चपेट में आ गए।

परिवार बोला- वर्षों से यहीं रह रहे हैं
घटना के बाद महिला के परिवार ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का कहना है कि उनका परिवार लंबे समय से इस जगह पर रह रहा है। उनका दावा है कि कई वर्षों से वहां रहने के बावजूद अचानक जमीन खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
परिजनों ने जमीन के विवाद को लेकर कुछ लोगों पर साजिश का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जमीन से संबंधित कागजात में कथित गड़बड़ी के जरिए संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। परिवार की ओर से प्रदीप स्वामी नाम के व्यक्ति का भी नाम लिया गया है।
हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए इन आरोपों और जमीन के दस्तावेजों में गड़बड़ी के दावे की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आग कैसे लगी? सामने आए दो अलग-अलग दावे
इस घटना का सबसे अहम सवाल आग लगने की वजह को लेकर है। मौके से जुड़ी जानकारी में इस संबंध में एक जैसी बात सामने नहीं आ रही है।
महिला को बचाने वाले एएसआई प्रवीण कुमार ने बताया कि वे सीओ और अन्य पदाधिकारियों के साथ जमीन पर दखल-दहानी कराने पहुंचे थे. इस दौरान पहले से रह रहे घर के लोगों समेत अन्य लोगों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया. एएसआई के अनुसार, इसी दौरान करण कुमार नामक एक युवक डब्बे में पेट्रोल लेकर मौके पर पहुंचा और वहां मौजूद लोगों पर पेट्रोल छिड़कने लगा. बचाव के दौरान किसी व्यक्ति ने माचिस जला दी, जिसके बाद महिला आग की चपेट में आ गई और गंभीर रूप से झुलस गई. उन्होंने कहा कि तत्काल बचाव और उपचार की कार्रवाई से बड़ी घटना होने से टल गई.
दूसरी तरफ सामने आई जानकारी में कहा गया है कि महिला ने खुद पर पेट्रोल डाला था और भीड़ में मौजूद किसी व्यक्ति के माचिस जलाने के बाद आग भड़क गई।
यानी फिलहाल आग लगने की सटीक परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं। पुलिस अब घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी है।
जमीन विवाद से लेकर आग की घटना तक होगी जांच
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान हुई इस घटना ने जमीन विवाद को भी केंद्र में ला दिया है। पुलिस और प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि कब्जे की कार्रवाई किस आदेश और दस्तावेज के आधार पर की जा रही थी और मौके पर विवाद किस वजह से बढ़ा।
इसके साथ ही आग लगने की वास्तविक वजह और उस समय मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि महिला आग की चपेट में किन परिस्थितियों में आई और घटना के लिए किसी की जिम्मेदारी बनती है या नहीं।
महिला की हालत गंभीर, रिम्स रेफर : डीएस
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. मनीष लाल ने बताया कि आग से झुलसी महिला की स्थिति गंभीर है. 70 प्रतिशत सेप्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स के बर्न वार्ड रेफर कर दिया गया है. वहीं दो अन्य झुलसे लोगों का सदर अस्पताल में इलाज किया जा रहा है.

















