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झारखंड की 9 जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण के लिए बने भाषा अकादमी : बंधु तिर्की

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रांची: झारखंड की जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन की मांग को लेकर मंगलवार को राजधानी रांची में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा बचाओ मार्च निकाला गया। मार्च की अगुवाई राज्य के पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने की। इस दौरान उन्होंने झारखंड की नौ मान्यता प्राप्त जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के विकास के लिए ठोस नीति बनाने और अलग से बजटीय प्रावधान करने की मांग उठाई।

झारखंड की 9 जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण के लिए बने भाषा अकादमी : बंधु तिर्की

पत्रकारों से बातचीत में बंधु तिर्की ने कहा कि झारखंड में पांच जनजातीय और चार क्षेत्रीय भाषाएं आज हाशिये पर हैं। राज्य गठन के लगभग 26 वर्ष बीत जाने के बावजूद किसी भी सरकार ने इन नौ भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए बजट में प्रावधान नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इन भाषाओं के विकास के लिए भाषा अकादमी का गठन किया जाना चाहिए।

झारखंड की 9 जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण के लिए बने भाषा अकादमी : बंधु तिर्की

बंधु तिर्की ने सुझाव दिया कि इन भाषाओं से जुड़े लोगों, साहित्यकारों और विशेषज्ञों के साथ साल में कम से कम एक बार संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाए, ताकि भाषा संरक्षण की दिशा में ठोस पहल हो सके। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में नौ जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और विकास से संबंधित मांगों का एक दस्तावेज तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा।

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