हजारीबाग में वज्रपात का कहर: आंगनबाड़ी सेविका समेत तीन लोगों की मौत, गांवों में शोक

हजारीबाग: जिले के बड़कागांव और इचाक प्रखंड में गुरुवार को हुई वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में आंगनबाड़ी सेविका समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रभावित गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को बारिश के दौरान अचानक हुई वज्रपात की चपेट में आने से तीन लोगों की जान चली गई। मृतकों में एक आंगनबाड़ी सेविका भी शामिल हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव का प्रयास किया, लेकिन गंभीर रूप से झुलस जाने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि प्रभावित गांवों में पहुंचे तथा मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। ग्रामीणों ने इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से आपदा राहत कोष के तहत उचित मुआवजा और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि मृतक अपने परिवार के मुख्य सहारा थे, ऐसे में उनके निधन से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जनप्रतिनिधियों ने भी जिला प्रशासन से शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने की मांग की है। प्रशासन द्वारा मामले की जानकारी जुटाई जा रही है तथा आपदा राहत के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि मानसून के दौरान झारखंड में वज्रपात की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। मौसम विभाग ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।

















