25 लाख का इनामी माओवादी अजय महतो गिरफ्तार, कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड दबोचा गया

रांची: झारखंड पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य अजय महतो उर्फ मोछु उर्फ अंजन दा उर्फ टाइगर उर्फ बुधराम उर्फ श्रीकांत उर्फ बासुदेव को गिरफ्तार कर लिया है। अजय महतो पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह लंबे समय से सारंडा-कोल्हान क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख संचालक और कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था।


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पुलिस के अनुसार अजय महतो के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, पुलिस मुखबिरी के आरोप में ग्रामीणों की हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला, मुठभेड़, विस्फोटक लूट, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, यूएपीए, आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट समेत कई गंभीर मामलों में प्राथमिकी दर्ज है। वह संगठन के लिए आईईडी लगाने, हमलों की रणनीति तैयार करने, हथियार और विस्फोटक जुटाने तथा कैडरों के संचालन की जिम्मेदारी संभालता था।
कई चर्चित हमलों में रहा शामिल
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अजय महतो का नाम पिछले छह वर्षों में झारखंड के कई बड़े नक्सली हमलों में सामने आया है। अप्रैल 2020 में गोईलकेरा के कुईड़ा चौक पर पुलिस मुखबिरी के आरोप में ग्रामीण राजकिशोर गोप की हत्या और जुलाई 2020 में बरकेल स्थित वन विभाग कार्यालय को आईईडी से उड़ाने की घटना में उसकी संलिप्तता पाई गई थी।
मार्च 2021 में टोकलो थाना क्षेत्र के लांजी जंगल में आईईडी विस्फोट में झारखंड जगुआर के तीन जवान शहीद हुए थे, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। इसके अलावा कोबरा बटालियन और सीआरपीएफ के साथ कई मुठभेड़ों में भी उसकी सक्रिय भूमिका रही।
वर्ष 2022 से 2025 के दौरान टोंटो, गोईलकेरा, मेरालगढ़ा, तुम्बाहाका, तिरिलपोसी, मारंगपोंगा, राधापोड़ा और समठा क्षेत्र में हुए कई आईईडी विस्फोटों, सुरक्षाबलों पर हमलों और विस्फोटक लूट की घटनाओं में उसका नाम सामने आया। इन हमलों में कई जवान शहीद हुए और अनेक सुरक्षाकर्मी घायल हुए।
मार्च 2026 में मारंगपोंगा और किनबीर जंगल में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ तथा उसके बाद आईईडी विस्फोट में भी उसकी भूमिका सामने आई थी, जिसमें कोबरा 209 बटालियन के सहायक कमांडेंट और अन्य जवान घायल हुए थे।
संगठन को बड़ा झटका
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अजय महतो की गिरफ्तारी से सारंडा, कोल्हान और गिरिडीह क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां उसके जरिए संगठन के अन्य सदस्यों, हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला, आईईडी मॉड्यूल और माओवादी नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग जुटाने में लगी हैं।

















