जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर विधायक भूषण बाड़ा ने जताई नाराजगी, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा ने वन विभाग द्वारा हाथी प्रभावितों के बीच मुआवजा वितरण कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित न किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। विधायक ने इसे जनप्रतिनिधियों का अपमान करार देते हुए वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से ऐसे कार्यक्रमों में विधायक और पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाती है, ताकि मुआवजा वितरण में पारदर्शिता बनी रहे और ग्रामीणों का भरोसा बढ़े।
सोमवार को सिमडेगा वन क्षेत्र प्रमंडल कार्यालय परिसर में आयोजित मुआवजा वितरण कार्यक्रम में वन विभाग ने 28 हाथी प्रभावित ग्रामीणों को कुल 2,79,580 रुपये की राशि वितरित की। वहीं, कुरडेग वन क्षेत्र के प्रभावित ग्रामीणों और मृतकों के आश्रित परिवारों को 9,43,658 रुपये का मुआवजा प्रदान किया गया। इस राशि में घर टूटने, फसल नुकसान और हाथी हमले में जान गंवाने वाले परिवारों को विभिन्न श्रेणियों के तहत भुगतान शामिल था।
हालांकि, इस कार्यक्रम में जिला परिषद, प्रमुख, उप प्रमुख, बीस सूत्री सदस्य, मुखिया या किसी अन्य जनप्रतिनिधि की उपस्थिति नहीं थी। विधायक भूषण बाड़ा ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को सूचना तक नहीं दी गई, जो नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने वन विभाग से इस तरह की अनदेखी को तुरंत सुधारने की मांग की।
विधायक ने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित करती है, बल्कि यह ग्रामीणों के बीच विश्वास भी जगाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

















