भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ट्रेड डील । नरेन्द्र मोदी ने इसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा
भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ट्रेड डील । नरेन्द्र मोदी ने इसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा
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भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मेगा ट्रेड डील (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट या FTA) का ऐलान हो गया है! पीएम नरेंद्र मोदी ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” (सभी डील्स की माँ) कहा। लगभग 18-20 साल की लंबी बातचीत के बाद यह समझौता हुआ है।
क्या है यह डील?
यह एक मुक्त व्यापार समझौता है, जिसमें भारत और EU (27 यूरोपीय देशों का ग्रुप) के बीच सामान आने-जाने पर टैक्स (टैरिफ) बहुत कम या खत्म हो जाएंगे। इससे दोनों तरफ का व्यापार बहुत बढ़ेगा। यह डील दुनिया के करीब 25% GDP और वैश्विक व्यापार के बड़े हिस्से को जोड़ेगी – यानी 2 अरब से ज्यादा लोगों का बाजार!
भारत को क्या फायदा?
भारतीय सामान यूरोप में सस्ता बिकेगा → कपड़े, ज्वेलरी, जूते-चप्पल, दवाइयां, ऑटो पार्ट्स, आईटी सर्विसेज का एक्सपोर्ट तेजी से बढ़ेगा।
ज्यादा फैक्टरियां लगेंगी → लाखों नौकरियां आएंगी, खासकर मैन्युफैक्चरिंग में।
यूरोप से सस्ता सामान आएगा → कारें, मशीनरी, वाइन, केमिकल्स, मेडिकल उपकरण सस्ते होंगे।
यूरोपीय कंपनियां भारत में ज्यादा निवेश करेंगी।
कुल व्यापार $136 बिलियन से बढ़कर $200 बिलियन या उससे ज्यादा हो सकता है। भारत की इकोनॉमी मजबूत होगी और दुनिया में उसकी अहमियत बढ़ेगी।
EU को क्या फायदा?
EU के सामान भारत में सस्ते होंगे → 96.6% EU एक्सपोर्ट पर टैरिफ कम या खत्म।
2032 तक EU का भारत में एक्सपोर्ट दोगुना हो सकता है।
भारत जैसे बड़ा और तेज बढ़ता बाजार मिलेगा (140 करोड़ लोग)।
अमेरिका के ट्रंप टैरिफ और ट्रेड वॉर के समय नया पार्टनर मिलेगा, सप्लाई चेन बेहतर होगी।
यूरोप से आने वाली शराब और वाइन पर टैक्स कम हो सकता है। इससे भारत में यूरोपियन शराब सस्ती मिलेगी।
BMW, मर्सिडीज, पॉर्श जैसी यूरोपीय प्रीमियम कार कंपनियों के लिए भारत में बिक्री आसान होगी।
अभी इन कारों पर 110% टैक्स लगता है, जो डील के बाद 40% और आगे चलकर 10% तक आ सकता है।
भारत सरकार ने 15,000 यूरो से महंगी कुछ यूरोपीय कारों पर तुरंत टैक्स घटाने पर सहमति दी है।
यूरोप की IT, इंजीनियरिंग, टेलीकॉम और बिजनेस सर्विस कंपनियों को भारत में ज्यादा काम मिलेगा।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा – “यह दुनिया में सबसे बड़ी डील है। लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कह रहे हैं। इससे 140 करोड़ भारतीयों और यूरोप के लोगों के लिए बड़े अवसर आएंगे। यह मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज और निवेश को बूस्ट देगा।”
अमेरिका की नाराजगी क्यों?
अमेरिका (ट्रंप प्रशासन) इस डील से खुश नहीं है, क्योंकि:भारत रूसी तेल खरीद रहा है।
EU का भारत के साथ करीब आना अमेरिका को लगता है कि ट्रेड वॉर में यूरोप अलग रास्ता चुन रहा है।
यह डील भारत के लिए ऐतिहासिक जीत है – ज्यादा एक्सपोर्ट, जॉब्स, निवेश और ग्लोबल पावर बढ़ेगी। जल्द ही कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह लागू होगी।

















