केरेडारी के जोरदाग गांव में NTPC और रैयतों का विवाद फिर भड़का: पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू के घर के सामने रातों रात बनी बाउंड्री वॉल
केरेडारी के जोरदाग गांव में NTPC और रैयतों का विवाद फिर भड़का: पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू के घर के सामने रातों रात बनी बाउंड्री वॉल
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हजारीबाग: हजारीबाग जिले के बड़कागांव और केरेडारी अंचल में NTPC की कोयला खनन परियोजना को लेकर रैयतों और कंपनी के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। ताजा मामला केरेडारी प्रखंड के जोरदाग गांव का है, जहां बीती रात पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू के आवास के सामने सड़क पर अचानक बाउंड्री वॉल का निर्माण कर दिया गया। इससे गांव में तनाव बढ़ गया है और ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि NTPC द्वारा कोयला ट्रांसपोर्टिंग के लिए वैकल्पिक सड़क का निर्माण अब तक नहीं किया गया है। मजबूरी में भारी वाहन आम ग्रामीण सड़कों से गुजर रहे हैं, जिससे सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं और भारी वाहनों की आवाजाही से धूल, कंपन तथा शोर के कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह बाउंड्री वॉल किसके आदेश पर और किसने बनवाई, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। न तो जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है और न ही NTPC प्रबंधन ने इस निर्माण पर स्थिति स्पष्ट की है।
गौरतलब है कि केरेडारी और बड़कागांव क्षेत्र में NTPC की कोयला खनन परियोजनाओं को लेकर वर्षों से विवाद चल रहा है। रैयतों का मुख्य आरोप है कि जमीन अधिग्रहण में उचित मुआवजा नहीं मिला, वैकल्पिक सड़कें नहीं बनाई गईं और पर्यावरण तथा रोजगार के वादे पूरे नहीं किए गए। पूर्व में भी पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू इस मुद्दे पर सक्रिय रहे हैं और विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर चुके हैं।

















