Opposition to the new rent fixation for market complex shops; Chamber submits memorandum to SDO.

मार्केट कॉम्प्लेक्स की दुकानों के नए किराया निर्धारण का विरोध, चैंबर ने एसडीओ को सौंपा ज्ञापन

Opposition to the new rent fixation for market complex shops; Chamber submits memorandum to SDO.
Opposition to the new rent fixation for market complex shops; Chamber submits memorandum to SDO.

शंभू कुमार सिंह 

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सिमडेगा: शहर के मार्केट कॉम्प्लेक्स की दुकानों के नए किराया निर्धारण का चैंबर ऑफ कॉमर्स ने विरोध किया है। चैंबर ने इसे अनुबंध की शर्तों और प्रचलित नियमों के विपरीत बताते हुए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सुमंत तिर्की को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है।

चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव दीपक रिंकू ने ज्ञापन में कहा कि वर्ष 1998 में तत्कालीन अनुमंडल प्रशासन द्वारा मार्केट कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर दुकानों का आवंटन किया गया था। उस समय प्रति वर्गफुट दो रुपये की दर से किराया तय किया गया था और सभी दुकानदारों के साथ विधिवत एकरारनामा किया गया था। बाद में वर्ष 2012 में किराया बढ़ाकर 10 रुपये प्रति वर्गफुट किया गया, जिसे चुनौती देते हुए कुछ दुकानदारों ने उच्च न्यायालय का रुख किया था। यह मामला अभी भी न्यायालय में लंबित है।

चैंबर का आरोप है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद नगर परिषद ने वर्ष 2025 में दुकानों का पुनः किराया निर्धारण करते हुए 24 से 25 रुपये प्रति वर्गफुट की नई दर लागू कर दी। सचिव दीपक रिंकू ने कहा कि किसी दुकान का किराया आवंटन के समय एक बार निर्धारित होता है और बाद में एकरारनामा के अनुसार केवल किराया वृद्धि की जा सकती है। बार-बार नया किराया निर्धारण करना न तो अनुबंध के अनुरूप है और न ही न्यायसंगत।

ज्ञापन में कहा गया है कि जमीन का सर्किल रेट बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन केवल इसी आधार पर बार-बार किराया तय करना व्यावहारिक नहीं है। इससे छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कई दुकानदार बढ़े हुए किराये का भुगतान करने में असमर्थ हैं, जिसके कारण किराया बकाया बढ़ रहा है और नगर परिषद को भी अपेक्षित राजस्व नहीं मिल पा रहा है।

चैंबर ने सुझाव दिया कि यदि एकरारनामा की शर्तों के अनुरूप नियमानुसार किराया वृद्धि लागू की जाए तो दुकानदार नियमित रूप से किराया जमा कर सकेंगे। इससे नगर परिषद के राजस्व में भी वृद्धि होगी और अनावश्यक विवादों से बचा जा सकेगा।

चैंबर ऑफ कॉमर्स ने एसडीओ से मामले की गंभीरता से समीक्षा कर नगर परिषद के वर्तमान किराया निर्धारण आदेश को वापस लेने तथा अनुबंध और नियमों के अनुरूप किराया वृद्धि की व्यवस्था लागू कराने की मांग की है। व्यापारियों ने प्रशासन से इस दिशा में सकारात्मक पहल की उम्मीद जताई है।

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