Pappu Sardar celebrated Madhuri Dixit's birthday in Jamshedpur.

जमशेदपुर: साकची में ‘धक-धक गर्ल’ माधुरी दीक्षित के जन्मदिन की धूम, 29 वर्षों से जारी है पप्पू सरदार का अनोखा प्रेम

Pappu Sardar celebrated Madhuri Dixit's birthday in Jamshedpur.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

नीरज तिवारी

जमशेदपुर: लौहनगरी के साकची बाजार में बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के जन्मदिन का जश्न इस साल भी किसी बड़े त्योहार की तरह मनाया जा रहा है। प्रसिद्ध प्रशंसक पप्पू सरदार द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय भव्य समारोह अपने 29वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। गुरुवार को कार्यक्रम के पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भक्ति के संगम ने शहरवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

रंगारंग कार्यक्रमों से सजी शाम

उत्सव की शुरुआत भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना के साथ हुई, जहाँ पंडित संतोष कुमार त्रिपाठी ने माधुरी दीक्षित की लंबी उम्र और स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कराई। इसके बाद स्पर्श क्रिएटिव एकेडमी के बच्चों ने माधुरी के सुपरहिट फिल्मी गानों पर शानदार डांस परफॉर्मेंस दी। बच्चों की ऊर्जा और कला ने देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा।

भक्ति और सम्मान का संगम

जहाँ एक ओर इस्कॉन की टीम ने हरे राम-हरे कृष्ण संकीर्तन से वातावरण को भक्तिमय बना दिया, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सरोकार को निभाते हुए शहर के 50 से अधिक वरिष्ठ मीडियाकर्मियों को सम्मानित किया गया। आयोजन स्थल को किसी बड़े पूजा पंडाल की तरह भव्य लाइटिंग और फूलों से सजाया गया था, जो आकर्षण का केंद्र बना रहा।

आधी रात को कटा ‘बर्थडे केक’

जैसे ही घड़ी की सुइयों ने रात के 11:30 बजाए, भव्य केक काटकर माधुरी दीक्षित का जन्मदिन मनाया गया। इस दौरान सेल्फी लेने के लिए युवाओं और महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

आज की योजना: सेवा और स्वाद

कार्यक्रम के दूसरे दिन (शुक्रवार) पप्पू सरदार अपनी परंपरा के अनुसार सामाजिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेंगे:
चेशायर होम में सेवा:करनडीह स्थित चेशायर होम के दिव्यांगजनों को भोजन कराया जाएगा और उन्हें उपहार बांटे जाएंगे।
निःशुल्क चाट और मनोरंजन: शाम को आम जनता के लिए साकची में मुफ्त चाट का स्टॉल लगेगा और बच्चों के लिए फुटपाथ पर निःशुल्क झूलों का आनंद उठाने की व्यवस्था की गई है।

पप्पू सरदार की दीवानगी बनी मिसाल

पिछले करीब तीन दशकों से लगातार आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल चुकी है। यह आयोजन न केवल एक प्रशंसक के जुनून को दर्शाता है, बल्कि इसके माध्यम से होने वाले दान-पुण्य के कार्यों ने इसे जमशेदपुर की एक अनूठी सांस्कृतिक पहचान बना दिया है।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now