झारखंड हाईकोर्ट के एडवोकेट रजनीश वर्धन की पत्नी की ओर से दायर किया गया हैवीअस कॉपस,अगली सुनवाई 25 नवंबर को।

थोक शराब नीति को बदलकर 4500 का घोटाला करने के आरोप में मुख्यमंत्री ,उनके सचिव समेत 26 के खिलाफ PIL

झारखंड हाई कोर्ट में आज एक PIL दाखिल किया गया है ।जिसमे झारखंड में थोक शराब नीति को बदलकर हजारो करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया गया है ।आरोप है की थोक शराब नीति झारखंड सरकार की तरफ से बदली गयी है जिसमे झारखंड बिवरेज कॉर्पोरेशन से यह काम लेकर निजी हाथों में दे दिया गया है. इस मामले में कई तरह के दूसरे साक्ष्यों के आधार पर बोकारो निवासी उमेश कुमार ने झारखंड हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की है.
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PIL में आरोप है कि सरकार ने शराब नीति बदल कर सिंडिकेट के हाथों में दे दिया है । इसमें यह भी एलिगेशन है कि सरकार की मदद से थोक शराब विभाग में करीब 4500 करोड़ का घोटाला हुआ है. सरकार ने प्राइवेट हाथों में देने के बजाय सारा शराब कारोबार जोगेंद्र तिवारी के हाथों में थमा दिया गया है.
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इस मामले में पिटीशनर ने PIL में 26 लोगों को पार्टी बनाया है. जिसमे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनके छोटे भाई विधायक बसंत सोरेन, जोगेंद्र तिवारी, अमरेंद्र तिवारी, अमित अग्रवाल, CM के प्रेस सलाहकार पिंटू उर्फ अभिषेक प्रसाद, प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव, मंटू श्रीवास्तव, उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव विनय चौबे, उत्पाद विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर गजेंद्र कुमार के साथ-साथ जामताड़ा स्थित एसबीआई और पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर के साथ साथ वो तमाम शराब कंपनियां शामिल हैं, जिन्हें थोक कारोबार का काम मिला है.
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इस याचिका में यह बताया गया है कि ज्यादातर कारोबारियों ने जो बैंक डिटेल्स डिपार्टमेंट को दिये हैं, वो संथाल परगना के बैंकों के हैं.चुकी झारखंड में 24 जिले हैं. इनमें से 19 जिलों में शराब के थोक व्यापार का जिम्मा गोड्डा, जामताड़ा और दुमका के कारोबारियों को मिला है. बाकी पांच जिलों में धनबाद और रांची से जुड़े व्यवसायियों को यह जिम्मा मिला है, लेकिन सभी 24 जिलों में काम करने वाले कारोबारियों का रिश्ता संथाल परगना से ही है.
इस बात का खुलासा कारोबारियों की तरफ से दिये गये बैंक अकाउंट डिटेल्स कर रहे हैं. सभी कारोबारियों का बैंक एड्रेस संथाल परगना का ही है. इनमें भी ज्यादातर कारोबारियों के बैंक का पता मिहिजाम का है. यानी कारोबारी का पता कहीं का भी हो, लेकिन बैंक डिटेल्स पता संथाल परगना का ही है.
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किस जिले में किसे मिला शराब के थोक कारोबार का जिम्मा
जिला कंपनी पता बैंक का पता
रांची कल्याणेश्वरी इंटरप्राइजेज धनबाद जामताड़ा
कोडरमा आनंद ट्रेडर जामताड़ा मिहिजाम
सरायकेल-खरसावां जमानी इंटरप्राइजेज गोड्डा जामताड़ा
खूंटी गुमरो इंटरप्राइजेज दुमका दुमका
गुमला जमानी इंटरप्राइजेज गोड्डा जामताड़ा
गढ़वा रुपुचक इंटरप्राइजेज जामताड़ा मिहिजाम
लातेहार रुपुचक इंटरप्राइजेज जामताड़ा मिहिजाम
पश्चिमी सिंहभूम विश्वा इंटरप्राइजेज गोड्डा जामताड़ा
पलामू विश्वा इंटरप्राइजेज गोड्डा जामताड़ा
धनबाद बैद्यनाथ इंटरप्राइजेज जामताड़ा मिहिजाम
बोकारो गुप्ता ट्रेडर दुमका मिहिजाम
दुमका मैय्हर डेवलपर्स रांची मिहिजाम
हजारीबाग बाशुकीनाथ ट्रेडर्स दुमका दुमका
पाकुड़ मैय्हर डेवलपर्स रांची मिहिजाम
पूर्वि सिंहभूम मैय्हर डेवलपर्स रांची मिहिजाम
गिरिडीह प्रशांत ट्रेडर्स दुमका दुमका
चतरा मिश्रा वाइन दुमका दुमका
गोड्डा मैय्हर होटल्स एंड प्राइवेट ली. देवघर दुमका
रामगढ़ राजमहर ट्रेडर्स दुमका मिहिजाम
देवघर सरन अल्कोहल प्राइवेट ली दुमका मिहिजाम
साहेबगंज संजीत हेब्रम जामताड़ा मिहिजाम
सिमडेगा संथाल परगना बिल्डर्स प्राइवेट ली. रांची दुमका
जामताड़ा अमेंद्र तिवारी एचयूएफ जामताड़ा मिहिजाम
लोहरदगा विद्या वाणिज्य प्र. लि. दुमका दुमका

अब देखना है की कोर्ट इस मसले पर क्या रुख अपनाती है गौरतलब है की इस मामले के भी PIL कर्ता वरिष्ठ वकील राजीव कुमार ही है ।

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