पीएम मोदी आज हिमाचल और पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे, स्थिति की समीक्षा के साथ राहत कार्यों पर जोर
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारी बारिश और बाढ़ से तबाह हुए हिमाचल प्रदेश और पंजाब के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य बाढ़ व भूस्खलन से उत्पन्न स्थिति का जमीनी आकलन करना, राहत कार्यों की समीक्षा करना और प्रभावित परिवारों से सीधा संवाद स्थापित करना है। केंद्र सरकार ने दोनों राज्यों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है, जिसमें विशेष राहत पैकेज की घोषणा की संभावना भी जताई जा रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रधानमंत्री मोदी उप-राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान करने के बाद दोपहर में दिल्ली से रवाना होंगे। वे सबसे पहले हिमाचल प्रदेश पहुंचेंगे, जहां दोपहर करीब 1:30 बजे कांगड़ा जिले में उतरेंगे। यहां वे बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। पीएम मोदी प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) तथा आपदा मित्र टीमों के सदस्यों से बातचीत करेंगे।
हिमाचल दौरे के बाद, दोपहर करीब 3 बजे वे पंजाब के गुरदासपुर जिले में पहुंचेंगे। यहां भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण होगा। शाम 4:15 बजे गुरदासपुर में अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान जमीनी स्थिति पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री बाढ़ पीड़ितों, किसानों और राहत दलों से मिलेंगे, ताकि राहत व पुनर्वास कार्यों की प्रगति का सटीक आकलन हो सके।
पंजाब में दशकों की सबसे भयानक बाढ़ ने 23 जिलों के करीब 2,000 गांवों को जलमग्न कर दिया है। रावी, सतलज, व्यास और घग्गर नदियों का उफान 1.75 लाख हेक्टेयर से अधिक फसलों को नष्ट कर चुका है। अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3.87 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। 22,854 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य सरकार ने नुकसान को 13,000 करोड़ रुपये से अधिक आंका है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने भारी तबाही मचाई है। 95 फ्लैश फ्लड, 45 बादल फटने की घटनाएं और 132 बड़े भूस्खलन दर्ज किए गए हैं। इनसे 370 मौतें हुई हैं, जिनमें 203 बारिश-संबंधी घटनाओं से और 163 सड़क हादसों से जुड़ी हैं। नुकसान का अनुमान 4,080 करोड़ रुपये से अधिक है। चंबा, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां सड़कें, पुल और संपर्क मार्ग कट गए हैं। 1,991 पशु और 26,955 पोल्ट्री पक्षी भी मारे गए हैं।
केंद्र ने पहले ही एनडीआरएफ, सेना, बीएसएफ और वायुसेना की टीमें तैनात की हैं। दो केंद्रीय दल पंजाब का दौरा कर चुके हैं और रिपोर्ट सौंप चुकी हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अमृतसर का दौरा किया था। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा, “पीएम मोदी बाढ़ से चिंतित हैं और यह दौरा प्रभावितों को तत्काल राहत सुनिश्चित करेगा।” हिमाचल में पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा, “यह दौरा राज्य के लिए राहत की उम्मीद जगाता है, लेकिन नुकसान इतना बड़ा है कि संभलने में वर्ष लगेंगे।”

















