रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालु-पुलिस झड़प: पुलिस ने 5 कर्मियों को किया निलंबित, वीडियो वायरल होने के बाद SP ने ली त्वरित कार्रवाई
रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालु-पुलिस झड़प: पुलिस ने 5 कर्मियों को किया निलंबित, वीडियो वायरल होने के बाद SP ने ली त्वरित कार्रवाई

रामगढ़, 09 मार्च – झारखंड के रामगढ़ जिले स्थित प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर (रजरप्पा) में रविवार 8 मार्च को श्रद्धालुओ को पीटने के मामले में 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है ।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस जवानों द्वारा श्रद्धालु पर लाठी-डंडों से मारपीट करते दिखने के बाद पुलिस प्रशासन ने जांच के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए चार जैप (झारखंड सशस्त्र पुलिस) के आरक्षियों और एक गृहरक्षक को निलंबित कर दिया है।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार मंदिर में रविवार को अप्रत्याशित भीड़ उमड़ी थी, जिसके कारण मुख्य प्रवेश द्वार खोलकर अन्य द्वार बंद कर दिए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए जैप-04 के जवानों और रजरप्पा थाना के पदाधिकारियों की तैनाती की गई थी। दोपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच निकास द्वार से एक बुजुर्ग श्रद्धालु को मानवीय आधार पर प्रवेश की अनुमति दी गई।
इसी दौरान जमशेदपुर से आए कुछ श्रद्धालुओं ने निकास द्वार से जबरदस्ती प्रवेश करने का प्रयास किया। पुलिस ने नियम बताते हुए उन्हें रोका और अपशब्द न बोलने की चेतावनी दी। नाराजगी में श्रद्धालुओं ने पुलिस पदाधिकारी (स०अ०नि० प्रकाश चन्द्र मुर्मू) पर अपशब्द कहे, उनके कंधे का स्टार नोच दिया और गर्दन पकड़ ली। इसके बाद जैप-04 के आरक्षियों (श्याम लाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उराँव, जॉनसन सुरीन) और गृहरक्षक सिकन्दर यादव ने हाथापाई की, जिसमें लाठी-डंडों का भी इस्तेमाल हुआ।
पुलिस अधीक्षक रामगढ़ अजय कुमार ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और सभी कर्मियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के साथ अमानवीय या अभद्र व्यवहार न किया जाए। वायरल वीडियो की जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक (मुंडा) को निर्देश दिए गए। जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि श्रद्धालु ने पहले पुलिस पदाधिकारी पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई हुई।
कार्रवाई चार जैप आरक्षी (आ०-228 श्याम लाल महतो, आ०-69 राधेश्याम कुजूर, आ०-686 बहादुर उराँव, आ०-384 जॉनसन सुरीन) को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित किया गया।
गृहरक्षक सं०-0064 सिकन्दर यादव को कार्य से विमुक्त कर दिया गया।
जाहिर है रजरप्पा मंदिर एक प्रमुख शक्तिपीठ है, जहां साल भर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। भीड़ प्रबंधन में ऐसी घटनाएं कभी-कभी होती हैं, लेकिन पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की है। प्रशासन का कहना है कि सेवा ही लक्ष्य है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सम्मान सर्वोपरि रहेगा।
घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं, जिसमें कुछ लोग पुलिस की कार्रवाई को “गुंडागर्दी” बता रहे हैं, जबकि आधिकारिक जांच में उकसावे की बात सामने आई है।

















