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धरना प्रदर्शन का आयोजन झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड मुख्यालय धुर्वा में किया गया.

अभियंता पदाधिकारी कर्मचारी समन्वय समिति ने शुक्रवार को धरना प्रदर्शन किया. धरना प्रदर्शन का आयोजन झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड मुख्यालय धुर्वा में किया गया. समिति के संयोजक प्रीतम निशि किड़ो ने इस दौरान कहा कि कई बार बिजली कर्मियों को छह फीसदी उर्जा भत्ता देने की बात कही गयी है. लेकिन इस पर अभी तक अमल नहीं किया गया है. जिससे बिजली कर्मी इस भत्ता के लाभ से वंचित है. जबकि दिन रात की कड़ी मेहनत से निगम को राजस्व वसूली में हर महीने उपलब्धि हासिल हो रही है. पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों को देखें तो निगम को 510 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई है. इसके बाद भी निगम कर्मचारियों से किये वायदे को लागू नहीं कर पाती है. किड़ो ने कहा कि सालों से निगम ने संघो के साथ कई बार पदाधिकारियों कर्मचारियों के कल्याणार्थ लिखित समझौता किये है. लेकिन मुद्दे फाइलों तक सीमित रह गई हैं. जिसे कर्मचारी पदाधिकारी में रोष होना स्वाभाविक है. साथ ही वन विभाग की ओर से बिजली कर्मियों और अधिकारियों पर किये गये केस वापस लेने की बात कही गयी. किड़ो ने कहा कि अगर प्रदर्शन के बाद भी निगम प्रबंधन कारवाई नहीं करती है तो समिति की ओर से उग्र आंदोलन किया जायेगा.

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6 प्रतिशत ऊर्जा भत्ता को बिहार की तर्ज पर अविलंब लागू किया जायें. वन विभाग द्वारा विभागीय पदाधिकारियों पर किये केस वापस लिए जायें. तकनिकी कर्मियों का ग्रेड पे 3000 पर निर्धारित होने के बाद भी व्यवस्था लागू नहीं की गयी है. ऐसे में इस व्यवस्था को लागू किया जायें. 10 लाख रूपये का सामूहिक चिकित्सा बीमा करते हुए इलाज करवाने की सुविधा दी जायें. कार्यक्षेत्र में होने वाली दुर्घटना से मृत्यु का मुवावजा राशी 50 लाख की जाये प्रोन्नति प्राप्त अभियंताओं को प्रोन्नति की तिथि से प्रोन्नत वेतमान का लाभ दिया जायें एवं उनका पदस्थापन अविलंब किया जायें समेत अन्य मांग है.

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