रिम्स में महीनों से रखे 43 लावारिस शवों को मिली अंतिम विदाई, जुमार नदी तट पर हुआ सामूहिक अंतिम संस्कार
रांची। रिम्स के शवगृह में लंबे समय से रखे 43 लावारिस शवों का रविवार को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया गया। रांची के जुमार नदी तट पर सामाजिक संस्था ‘मुक्ति’ की ओर से सभी शवों का सामूहिक अंतिम संस्कार धार्मिक रीति-रिवाज के साथ कराया गया।
जानकारी के अनुसार, इन शवों की निर्धारित अवधि में पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस की आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए सामाजिक संस्था के संरक्षण में सौंपा गया।

43 शवों को जुमार नदी तट ले जाया गया
रविवार सुबह संस्था के सदस्य सभी 43 शवों को वाहनों के माध्यम से जुमार नदी तट लेकर पहुंचे। अंतिम संस्कार के लिए पहले से आवश्यक तैयारियां की गई थीं। इसके बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार मृतकों की अंतिम क्रिया संपन्न कराई गई।
संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने सभी शवों को मुखाग्नि दी। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और उन्हें सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

‘मृत्यु के बाद हर व्यक्ति को सम्मानजनक विदाई मिलनी चाहिए’
प्रवीण लोहिया ने कहा कि मृत्यु के बाद प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान के साथ अंतिम विदाई मिलना उसका अधिकार है। पहचान नहीं होने या परिजनों के सामने नहीं आने की स्थिति में कई बार शव लंबे समय तक शवगृह में पड़े रहते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में समाज की जिम्मेदारी है कि वह आगे बढ़कर अंतिम संस्कार की व्यवस्था करे। संस्था लंबे समय से रांची और आसपास के क्षेत्रों में लावारिस शवों के अंतिम संस्कार का कार्य कर रही है।
अंतिम संस्कार में स्थानीय लोग भी हुए शामिल
सामूहिक अंतिम संस्कार के दौरान संस्था के सदस्यों के अलावा स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। लोगों ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
43 अज्ञात शवों को एक साथ सम्मानजनक अंतिम विदाई देने की यह पहल मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बनी।

जमशेदपुर : JSSC-CGL भर्ती पर बाबूलाल मरांडी के सवाल, बोले- सरकार के हलफनामे से उठ रहे नए प्रश्न, CBI जांच की मांग
जमशेदपुर। JSSC-CGL भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं…

कमल भूषण हत्याकांड के सरकारी गवाह पर हमले की कोशिश, पिस्टल मिसफायर होने से बची जान
रांची। बहुचर्चित कमल भूषण हत्याकांड के सरकारी गवाह मुनव्वर अफाक पर रविवार सुबह कांटाटोली चौक के पास कथित तौर पर गोली चलाने…

















