रांची नगर निगम का ‘सॉफ्टवेयर’: डीपीएस चौक से मेकॉन तक चला अतिक्रमण विरोधी बुलडोजर, अवैध गैरेज और मीट दुकानें जमींदोज

रांची: रांची को स्मार्ट और व्यवस्थित बनाने की कवायद में जुटी रांची नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम ने आज डीपीएस चौक से मेकॉन तक के मार्ग पर ‘मेगा एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव’ चलाया। सहायक नगर आयुक्त के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई ने सड़क किनारे अवैध कब्जा जमाए बैठे दुकानदारों और वाहन संचालकों के बीच हड़कंप मचा दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रमुख कार्रवाई: क्या-क्या हटाए गए?
सड़क किनारे गैरेज पर नकेल: सड़क की जमीन को अपना ‘वर्कशॉप’ समझने वाले दो गैरेज संचालकों पर निगम ने सख्त रुख अपनाया। सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़े किए गए वाहनों के कारण आवागमन बाधित हो रहा था, जिन्हें तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया।
सड़क पर खड़े कंडम वाहनों का अंत: निगम ने लावारिस और कंडम वाहनों को ‘ट्रैफिक का दुश्मन’ करार देते हुए एक कंडम वाहन को मौके पर ही ध्वस्त कर जब्त किया। निगम ने चेतावनी दी है कि शहर की सड़कों को ‘कबाड़खाना’ न बनाएं।
शैक्षणिक क्षेत्र से अवैध दुकानें साफ: स्कूल और आवासीय इलाकों के पास संचालित अवैध तंबाकू, सिगरेट और पान-गुटखा की दुकानों को हटाया गया। इन दुकानों के कारण होने वाली असामाजिक गतिविधियों और भीड़-भाड़ की स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी।
फ्लाइंग जोन में सुरक्षा को प्राथमिकता: भूसुर नदी के पास अवैध मीट दुकानों के संचालन पर सख्त कार्रवाई की गई। मीट के अवशेष फेंकने से एकत्रित होने वाले पक्षी ‘फ्लाइंग जोन’ (विमान क्षेत्र) के लिए ‘बर्ड हिट’ का खतरा पैदा कर रहे थे, जिसे निगम ने गंभीरता से लिया।
खाली जमीन पर अब लहराएगी हरियाली
अतिक्रमण मुक्त कराई गई इन जमीनों को निगम फिर से कब्जे में न आने देने के लिए ठोस योजना बना रहा है। सहायक नगर आयुक्त ने हॉर्टिकल्चर शाखा को निर्देश दिए हैं कि इन खाली स्थानों की पहचान कर वहां **’ग्रीन पैच’ (Green Patch)** विकसित किया जाए, ताकि ये स्थान अब कचरा डंपिंग के बजाय शहर की सुंदरता बढ़ाएं।
निगम की सख्त चेतावनी
रांची नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान केवल एक दिन की औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह निरंतर जारी रहेगा। निगम प्रशासन ने दुकानदारों और व्यवसायियों से अपील की है कि वे सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा न करें और शहर की स्वच्छता में सहयोग करें। नियमों की अनदेखी करने पर भविष्य में भारी जुर्माने और जब्ती की कार्रवाई तय है।
















