74 सालों में पहली बार नहीं हुआ रावण दहन.

Team Drishti.

राँची : कोरोना काल ऐसा पहली बार होगा जब पूरे भारतवर्ष में किसी तरह का धार्मिक अनुष्ठान नहीं हुआ. शारदीय नवरात्र में भी सिर्फ अनुष्ठान के लिए ही पूजा अर्चना की गई. विजयदशमी के दिन रावण दहन होता है. समारोह को देखने के लिए लाखों की भीड़ उमड़ती है. लेकिन राजधानी रांची के अरगोड़ा मैदान में 74 सालों में पहली बार रावण मेघनाथ और कुंभकर्ण का पुतला नहीं जलेगा. मैदान सुना दिखा फिर भी लोग आज के दिन को याद करने के लिए मैदान पहुंचे. और बीते वर्ष को याद किया.

उनका कहना है कि इस साल वह रावण दहन सामारोह नहीं देख पाएं जिसका मलाल है और उन्हें उम्मीद है कि अगले वर्ष कोरोना को भगाकर फिर से रावण को जलाएंगे.

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