बिरसा मुंडा जैविक उद्यान में भीषण गर्मी से जानवरों को राहत: कूलर, पानी के नाद और विशेष आहार की व्यवस्था
रांची : लगातार बढ़ते तापमान और लू की स्थिति को देखते हुए रांची के ओरमांझी स्थित भगवान बिरसा मुंडा जैविक उद्यान (रांची चिड़ियाघर) में वन्य प्राणियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उद्यान प्रबंधन और वन विभाग की टीम ने बड़े जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, ताकि उनकी सेहत पर कोई असर न पड़े।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बाघ, शेर और अन्य बड़े शिकारी जानवरों के बाड़ों में कूलर लगाए गए हैं। साथ ही पानी की भरपूर व्यवस्था और फूस के शेड बनाए गए हैं। तेज धूप में बाघ और शेर ज्यादातर समय इन शेड्स में आराम करते नजर आ रहे हैं। एशियाई भालुओं (हिमालयन और स्लॉथ भालू) को गर्मी से राहत देने के लिए तरबूज, खीरा और केला जैसे ठंडे और रसीले फल दिए जा रहे हैं।
मांसाहारी जानवरों के लिए पानी के नाद (बाथ टब/ट्रफ), ग्लूकोन-डी, मल्टी विटामिन सप्लीमेंट और आसानी से पचने वाला विशेष भोजन की व्यवस्था की गई है। पक्षियों के लिए फव्वारे (फाउंटेन) लगाए गए हैं, जिससे वे ठंडक का आनंद ले सकें। हाथियों के लिए भी विशेष बाथ टब बनाए गए हैं, जहां उन्हें सुबह-शाम नहलाया जा रहा है।
उद्यान अधिकारियों के अनुसार, सभी जानवरों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी की जा रही है। गर्मी के मौसम में जानवरों के व्यवहार पर खास ध्यान दिया जा रहा है और उनके प्राकृतिक आवास को और अधिक आरामदायक बनाने की कोशिश की गई है।
भगवान बिरसा मुंडा जैविक उद्यान रांची से लगभग 20 किलोमीटर दूर ओरमांझी में स्थित है। यह 104 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को आश्रय देता है। गर्मी के मौसम में यहां आने वाले पर्यटकों को भी सलाह दी जाती है कि वे सुबह या शाम के समय विजिट करें और पर्याप्त पानी साथ रखें।

















