मुरी के मारदू में नाबालिग की हत्या से सनसनी, दुष्कर्म की आशंका; SIT गठन और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग

रांची: रांची जिले के मुरी ओपी क्षेत्र अंतर्गत सिल्ली प्रखंड के मारदू गांव में करीब 17 वर्षीय किशोरी का शव झाड़ियों से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना 18 अक्टूबर की बताई जा रही है। परिजनों ने किशोरी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई है। पुलिस को प्रारंभिक जांच में गला दबाकर हत्या किए जाने का संदेह है। हालांकि, दुष्कर्म की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना से ग्रामीणों में आक्रोश और भय का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, किशोरी 18 अक्टूबर को अपने सात वर्षीय चचेरे भाई के साथ घर से निकली थी। कुछ देर बाद बच्चा खून से लथपथ हालत में घर पहुंचा। इसके बाद परिजनों ने किशोरी की तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान गांव के बाहर झाड़ियों में उसका शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल पर फॉरेंसिक एवं तकनीकी जांच दल ने साक्ष्य और नमूने एकत्र किए। खोजी कुत्ते की मदद से भी जांच की गई। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स, रांची भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच करते हुए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
घटना की जानकारी मिलने पर JLKM के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष एवं आंदोलनकारी नेता देवेंद्र नाथ महतो 18 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे मारदू गांव पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने घटना को बेहद दुखद और निंदनीय बताते हुए कहा कि ऐसी वारदात से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है। ग्रामीण महिलाएं खेतों में जाने, बाड़ी में काम करने और घर से बाहर निकलने में भी असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस-प्रशासन को बिना किसी लापरवाही के कार्रवाई करनी चाहिए।
देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि मृत किशोरी करीब 17 वर्ष 9 महीने की थी और कक्षा 11वीं की छात्रा थी। उन्होंने कहा कि एक छात्रा के साथ हुई ऐसी घटना ने समाज को झकझोर दिया है। बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज के साथ-साथ शासन-प्रशासन की भी जिम्मेदारी है।

देवेंद्र नाथ महतो ने वरीय पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर मामले की गहन, निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की। उन्होंने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर जांच की निगरानी कराने, घटनास्थल के सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने पर जोर दिया। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
उन्होंने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने, पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने, उचित मुआवजा उपलब्ध कराने और निःशुल्क कानूनी सहायता दिलाने की भी मांग की। महतो ने कहा कि दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को कानून के तहत कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग करते हुए कहा कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
देवेंद्र नाथ महतो ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथ क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल बहाल करना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से मामले की हर पहलू से जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।

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