serious-allegation-assault-custodial-torture-cbi

धनबाद में CBI अधिकारियों पर मारपीट और हिरासत में प्रताड़ना का गंभीर आरोप, CIMFR के कर्मचारी ने CVC से लगाई न्याय की गुहार

Share
Link copied

तीन घंटे तक पूछताछ के दौरान शारीरिक हिंसा का आरोप, मेडिकल दस्तावेजों में चोटों का उल्लेख; CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और स्वतंत्र जांच की मांग

धनबाद: झारखंड के धनबाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान एक सरकारी कर्मचारी के साथ कथित तौर पर मारपीट, जबरन बयान लेने और शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना देने का गंभीर आरोप लगा है। सीएसआईआर-केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (CSIR-CIMFR), धनबाद में वरिष्ठ स्टेनोग्राफर के पद पर कार्यरत विवेक सिंह ने इस मामले में केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) से शिकायत कर तत्काल हस्तक्षेप और स्वतंत्र जांच की मांग की है। 31 अक्टूबर 2026 को भेजी गई शिकायत में विवेक सिंह ने आरोप लगाया है कि 29 अक्टूबर को CBI अधिकारियों के निर्देश पर धनबाद स्थित CBI कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने के दौरान उनके साथ शारीरिक हिंसा की गई।जबर्दस्त मार पीट की गई। शिकायत में CBI अधिकारी संदीप सिंह, दीपक मीणा और दो अन्य अज्ञात अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
शिकायतकर्ता ने आरोपों के समर्थन में मेडिकल दस्तावेज, चोटों की तस्वीरें और अन्य संबंधित साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं।

धनबाद में CBI अधिकारियों पर मारपीट और हिरासत में प्रताड़ना का गंभीर आरोप, CIMFR के कर्मचारी ने CVC से लगाई न्याय की गुहार

फोन पर बुलाया, पूछताछ के दौरान मारपीट का आरोप

शिकायत के अनुसार, विवेक सिंह को 29 अक्टूबर 2026 को सुबह लगभग 10:30 बजे CBI कार्यालय, धनबाद में उपस्थित होने के लिए टेलीफोन के माध्यम से निर्देश दिया गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने जांच में सहयोग करने की मंशा से अधिकारियों के निर्देश का पालन किया और निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचे।आरोप है कि पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने उनसे सवाल-जवाब किए और उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं होने पर कथित तौर पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। विवेक सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि संदीप सिंह, दीपक मीणा और दो अन्य अज्ञात अधिकारियों ने हाथ, पैर और अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल करते हुए उनके साथ शारीरिक हिंसा की। शिकायतकर्ता के मुताबिक, कथित मारपीट लगभग तीन घंटे तक जारी रही। उन्होंने इसे अपमानजनक, अमानवीय और मानसिक रूप से बेहद आघात पहुंचाने वाला अनुभव बताया है।

धनबाद में CBI अधिकारियों पर मारपीट और हिरासत में प्रताड़ना का गंभीर आरोप, CIMFR के कर्मचारी ने CVC से लगाई न्याय की गुहार

शरीर पर चोटों के निशान, मेडिकल दस्तावेज भी सौंपे

वशिकायत में विवेक सिंह ने आरोप लगाया है कि कथित मारपीट के कारण उनके शरीर पर कई जगह चोटें आईं। उन्होंने दोनों जांघों, पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द, सूजन, चोट के निशान और चलने-फिरने में परेशानी होने की बात कही है। शिकायत के साथ संलग्न तस्वीरों में उनके पैरों और जांघों पर चोट तथा गहरे रंग के निशान दिखाई देते हैं। इन तस्वीरों को शिकायतकर्ता ने कथित शारीरिक हिंसा के साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया है।दस्तावेजों में CSIR-CIMFR के मेडिकल रिकॉर्ड के अलावा धनबाद के विभिन्न अस्पतालों में कराए गए उपचार से संबंधित कागजात भी शामिल हैं।30 अक्टूबर 2026 के मेडिकल दस्तावेजों में दोनों जांघों और पैरों में दर्द तथा चोटों का उल्लेख है। अस्पताल के प्रमाणपत्र में शिकायतकर्ता को चोटों के उपचार के लिए लाए जाने और दर्द निवारक व अन्य उपचार दिए जाने की जानकारी दर्ज है।

आंतरिक चोट और शौच के दौरान रक्तस्राव की आशंका

विवेक सिंह ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि कथित मारपीट के बाद उन्हें गंभीर शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा। उनका दावा है कि शौच के दौरान रक्तस्राव की समस्या उत्पन्न हुई, जिससे उन्हें आंतरिक चोट की आशंका है। उन्होंने लगातार दर्द, कमजोरी और सामान्य गतिविधियों में परेशानी होने की भी बात कही है शिकायतकर्ता ने इन परिस्थितियों को गंभीर बताते हुए मामले की तत्काल चिकित्सकीय जांच और स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।

मानसिक उत्पीड़न, सिरदर्द और दृष्टि संबंधी परेशानी का दावा

शिकायत में विवेक सिंह ने कथित घटना के बाद मानसिक तनाव, भय, चिंता और मनोवैज्ञानिक आघात से गुजरने की बात कही है। उन्होंने सिरदर्द, चक्कर आने, दृष्टि में परेशानी और सामान्य रूप से काम करने में कठिनाई होने का भी दावा किया है।शिकायतकर्ता का कहना है कि कथित घटना ने उनके स्वास्थ्य, व्यक्तिगत सुरक्षा और मानसिक स्थिति को प्रभावित किया है। उन्होंने भविष्य में संबंधित अधिकारियों के सामने उपस्थित होने को लेकर भी भय और आशंका व्यक्त की है।

CVC से स्वतंत्र जांच और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

विवेक सिंह ने केंद्रीय सतर्कता आयोग से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। शिकायत में उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:

स्वतंत्र जांच: कथित मारपीट, जबरन पूछताछ और अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

अनुशासनात्मक कार्रवाई: आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए और आवश्यक होने पर मामला सक्षम कानून प्रवर्तन एजेंसी को भेजा जाए।

CCTV फुटेज सुरक्षित रखना: CBI कार्यालय के प्रवेश, निकास, पूछताछ कक्ष और संबंधित स्थानों की CCTV रिकॉर्डिंग तत्काल सुरक्षित रखी जाए, ताकि महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट न हों।

अन्य अधिकारियों की पहचान: कथित घटना में शामिल दो अन्य अधिकारियों की पहचान कर उनकी भूमिका की जांच की जाए।

शिकायत पर कार्रवाई की सूचना: शिकायतकर्ता को मामले में की गई कार्रवाई और जांच की स्थिति से अवगत कराया जाए।

serious-allegation-assault-custodial-torture-cbi

जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में कहा है कि किसी भी जांच एजेंसी को कानून के दायरे में रहकर पूछताछ करनी चाहिए और किसी व्यक्ति की गरिमा, शारीरिक सुरक्षा तथा मौलिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।उनका आरोप है कि यदि जांच के दौरान शारीरिक हिंसा और जबरन बयान लेने जैसी घटनाएं हुई हैं, तो यह जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने CVC से मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखने, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आरोपों की जांच करने और शिकायत को आवश्यक कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकारी के पास भेजने की अपील की है।

अब CVC की कार्रवाई पर नजर

धनबाद में CBI अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए इन आरोपों के बाद मामले में केंद्रीय सतर्कता आयोग की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। शिकायतकर्ता ने कहा है कि वह जांच के लिए अपने मेडिकल रिकॉर्ड, चोटों की तस्वीरें और अन्य संबंधित साक्ष्य उपलब्ध कराने को तैयार हैं।
फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों को लेकर अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

इसे भी पढ़ें
दुबई कमाने गए हुसैनाबाद के युवक को दलाल ने फंसाया, तीन महीने से जेल में बंद; बेटे की रिहाई के लिए पिता ने लगाई गुहार
इसे भी पढ़ें

दुबई कमाने गए हुसैनाबाद के युवक को दलाल ने फंसाया, तीन महीने से जेल में बंद; बेटे की रिहाई के लिए पिता ने लगाई गुहार

हुसैनाबाद/पलामू: बेहतर रोजगार और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना लेकर दुबई गए पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड निवासी 23 वर्षीय…

झारखंड में आज बदल सकता है मौसम का मिजाज, रांची समेत कई जिलों में हल्की बारिश के आसार
इसे भी पढ़ें

झारखंड में आज बदल सकता है मौसम का मिजाज, रांची समेत कई जिलों में हल्की बारिश के आसार

रांची: आज झारखंड में मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के उत्तर-पूर्वी, मध्य और…

इंद्रदेव की पूजा-अर्चना के साथ कोरोमियां बलसेरा में सजा पारंपरिक इंद मेला, नागपुरी गीतों पर झूमे ग्रामीण
इसे भी पढ़ें

इंद्रदेव की पूजा-अर्चना के साथ कोरोमियां बलसेरा में सजा पारंपरिक इंद मेला, नागपुरी गीतों पर झूमे ग्रामीण

सिमडेगा: ठेठईटांगर प्रखंड के कोरोमियां बलसेरा गांव में शनिवार की रात पारंपरिक इंद मेला धूमधाम से आयोजित किया गया। इस अवसर पर…

रामरेखा धाम कार्तिक मेले का टेंडर रद्द करने की मांग, आंदोलन की चेतावनी
इसे भी पढ़ें

रामरेखा धाम कार्तिक मेले का टेंडर रद्द करने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

निर्मल सिंह गुमला: सिमडेगा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री रामरेखा धाम में कार्तिक पूर्णिमा मेले के आयोजन को लेकर निकाले गए टेंडर…

ABOUT THE AUTHOR
Drishti Now Desk

Drishti Now Desk

Desk

Drishti Now एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जिसकी प्राथमिक कवरेज झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों पर केंद्रित है। इसके साथ देश और दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी समाचार प्रकाशित किए जाते हैं। राजनीति, अपराध, समाज, धर्म, शिक्षा, खेल, प्रशासन, मौसम और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया जाता है। Drishti Now का उद्देश्य पाठकों तक महत्वपूर्ण समाचारों और घटनाक्रमों की स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार जानकारी पहुंचाना है। Drishti Now — नजर हर खबर पर।