चुनाव आयोग SIR के जरिए मोदी सरकार का NRC एजेंडा लागू कर रहा है: कैलाश यादव
पटना : राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रदेश प्रवक्ता कैलाश यादव ने आज एक प्रेस बयान जारी कर मुख्य चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यादव ने कहा कि चुनाव आयोग देश भर में सिलेक्टिव इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर मोदी सरकार के एजेंडे को लागू कर रहा है। उन्होंने मांग की है कि चुनाव आयोग घुसपैठियों की सूची सार्वजनिक करे और उनकी संख्या देश के सामने रखे।
यादव ने अपने बयान में कहा कि विगत वर्ष केंद्र की मोदी सरकार ने देश में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को अलोकतांत्रिक तरीके से लागू करने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन भारी विरोध के कारण यह मुद्दा ठंडे बस्ते में चला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) NRC लागू करने के लिए किसी भी मौके का इंतजार नहीं करना चाहते। केंद्र सरकार SIR के बहाने घुसपैठियों के नाम पर मिशनरी और मुस्लिम समाज को टारगेट कर ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है।
प्रवक्ता ने चुनाव आयोग को स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि यह आरएसएस और मोदी सरकार के एजेंडे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “आरजेडी की मांग है कि SIR करा रहा चुनाव आयोग घुसपैठियों की लिस्ट सार्वजनिक कर देश के सामने उनकी संख्या बताए।”
यादव ने गौरतलब बताया कि विगत दिनों बिहार में SIR के नाम पर करोड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए, जिसमें सबसे ज्यादा यादव, मुस्लिम, आदिवासी और खेतिहर मजदूर शामिल थे। उन्होंने कहा कि बिहार, झारखंड, यूपी, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में पलायन और विस्थापन बड़ी समस्या है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विभिन्न प्रदेशों के भाजपा नेताओं पर हमला बोलते हुए यादव ने कहा कि ये लोग लगातार देश में घुसपैठियों की बात कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 11 वर्षों से केंद्र में मोदी सरकार है, फिर भी घुसपैठ हो रही है। इसकी जिम्मेदारी मोदी सरकार और गृहमंत्री अमित शाह की है, क्योंकि बॉर्डर सुरक्षा गृह मंत्रालय के अधीन है और घुसपैठ का मामला भी उनकी निगरानी में आता है।
आरजेडी प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि पार्टी का मानना है कि चुनाव आयोग SIR के नाम पर गैर-भाजपा वोटर्स को चिन्हित कर बड़ी संख्या में उनके नाम काट रहा है। इसका खामियाजा बिहार विधानसभा चुनाव में देखने को मिला, जहां राजद को सबसे ज्यादा वोट प्रतिशत और वोट मिलने के बावजूद विशेष मशीनरी का प्रयोग कर जबरन हरा दिया गया।


















