पूरे देश में भाई-बहन के पवित्र बंधन का उत्सव, हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा रक्षाबंधन का त्योहार

आज पूरे देश में रक्षाबंधन का पावन पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। श्रावण पूर्णिमा पर मनाए जाने वाले इस त्योहार में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुरक्षा की कामना कर रही हैं, जबकि भाई बहनों को उपहार और सुरक्षा का वचन दे रहे हैं। बाजारों में राखियों, मिठाइयों और उपहारों की भारी मांग रही। कई परिवारों में सुबह के शुभ मुहूर्त में पूजा थाली सजाकर भाई-बहन एक साथ बैठे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
पंचांग के अनुसार आज सुबह राखी बांधने का मुख्य शुभ मुहूर्त लगभग 5:57 बजे से 9:48 बजे तक (दिल्ली समय) था। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त सुबह शुरू होकर आज सुबह तक चली। भद्रा काल 27 अगस्त को समाप्त हो चुका था, इसलिए 28 अगस्त को ही राखी बांधना शास्त्रों के अनुसार उचित माना गया। कुछ क्षेत्रों में अपराह्न काल में भी राखी बांधने की अनुमति दी गई, लेकिन सुबह का मुहूर्त सबसे शुभ माना जाता है।

रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के बंधन का प्रतीक है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर पवित्र धागा बांधती है, तिलक लगाती है और आरती उतारती है। बदले में भाई बहन को उपहार देकर जीवन भर उसकी रक्षा करने का वचन देता है। यह पर्व सिर्फ रक्त संबंधों तक सीमित नहीं, बल्कि रिश्तेदारी और भावनात्मक बंधनों को भी मजबूत करता है

आज रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। ग्रहण का प्रभाव कुछ क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है। कई परिवारों ने शास्त्रीय नियमों का पालन करते हुए ग्रहण से पहले या उसके बाद राखी बांधने का ध्यान रखा।देशभर में इस त्योहार ने परिवारों को एक बार फिर करीब ला दिया है। मिठाइयों का आदान-प्रदान, हंसी-खुशी और आशीर्वादों से घरों में उत्सव का माहौल बना हुआ है।
















