झारखंड की मइयां सम्मान योजना में बड़ा बदलाव: अब हर महीने मनेगा ‘मंईयां सम्मान दिवस’, एक क्लिक में खाते में आएगी राशि

रांची: झारखंड की महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार अपनी महत्वाकांक्षी मइयां सम्मान योजना’ के भुगतान तंत्र को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाने जा रही है। अब लाभार्थियों को राशि के लिए अलग-अलग जिलों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। सरकार ने अक्टूबर से एक नई पहल शुरू करने की तैयारी की है, जिसे ‘मंईयां सम्मान दिवस’ का नाम दिया गया है।

क्या है सरकार का नया प्लान?
अब तक मंईयां सम्मान योजना की राशि हर जिले में अपनी-अपनी सुविधा और समय के अनुसार पहुंचती थी। कई बार एक जिले में पैसा पहुँचने के बाद दूसरे जिले की महिलाओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। अब इस व्यवस्था को पूरी तरह से ‘सेंट्रलाइज्ड’ (केंद्रीकृत) किया जा रहा है।
अब राज्य मुख्यालय से सीधे राज्य के 51 लाख से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में एक साथ राशि भेजी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी राज्य स्तर से होगी, जिससे भुगतान में होने वाली किसी भी तरह की देरी या गड़बड़ी पर तत्काल एक्शन लिया जा सकेगा।
‘मंईयां सम्मान दिवस’ की खासियतें
सरकार हर महीने एक तारीख निर्धारित करेगी जिसे ‘मंईयां सम्मान दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार होंगी:
राज्य स्तरीय आयोजन: इस दिन राज्य स्तर पर मुख्य कार्यक्रम होगा, जिसमें मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री शामिल होंगे। वहीं, जिला स्तर के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे।
एक साथ भुगतान: कार्यक्रम के दौरान एक ही बटन के जरिए राज्य के सभी 51 लाख लाभार्थियों के खातों में राशि ट्रांसफर की जाएगी।
तेज प्रक्रिया: सरकार का दावा है कि राशि ट्रांसफर होने के महज 4 से 5 घंटों के भीतर लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसे पहुँच जाएंगे।
महिलाओं को होगा यह सीधा फायदा
नई व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया में अब एकरूपता और पारदर्शिता आएगी। लाभार्थियों को पता होगा कि हर महीने किस तारीख को उनके खाते में पैसा आएगा। राज्य स्तर पर सीधे कंट्रोल होने से ‘पेमेंट फेल’ होने जैसी समस्याओं का समाधान तुरंत हो सकेगा। जिला स्तर पर होने वाली भाग-दौड़ और अलग-अलग तिथियों की उलझन खत्म होगी।
सरकारी खजाने से निकलने वाली राशि का लेखा-जोखा और ऑडिट पहले से अधिक व्यवस्थित हो जाएगा।
विभाग ने पूरी की तैयारी
महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग इस नई प्रक्रिया को लागू करने के लिए जैप आईटी (JAP-IT) के सहयोग से एक नया पोर्टल भी तैयार कर चुका है। विभागीय अधिकारियों को इसका प्रेजेंटेशन भी दिया जा चुका है। अक्टूबर से इस नई व्यवस्था के धरातल पर उतरने के साथ ही राज्य की लाखों महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाने वाली यह योजना और अधिक सुगम हो जाएगी।
















