NUSRL के विकास के लिए फंडिंग पर हाईकोर्ट गंभीर, राज्य-केंद्र, PSU और निजी कंपनियों के साथ होगी समन्वय बैठक

रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य की प्रतिष्ठित विधि शिक्षण संस्था नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) और निजी कंपनियों के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एम. एस. सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने बार एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों तथा CCL, BCCL, SAIL, DVC और टाटा स्टील सहित कई संस्थानों के अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की।
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सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय के लिए वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने के विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श हुआ। अदालत के समक्ष सहमति बनी कि NUSRL के कुलपति सभी संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर सहयोग की संभावनाओं को अंतिम रूप देने का प्रयास करेंगे।
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राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग एवं वित्त विभाग के प्रधान सचिवों ने अदालत को आश्वस्त किया कि इस संबंध में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ बैठक कर बेहतर समाधान निकालने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर विश्वविद्यालय के लिए संभावित आर्थिक सहयोग पर विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि CCL और BCCL के अधिकारियों की कोयला मंत्रालय के सचिव के साथ बैठक कराने का प्रयास किया जाएगा।
सभी पक्षों के सहयोग की सराहना करते हुए हाईकोर्ट ने उम्मीद जताई कि आपसी समन्वय से विश्वविद्यालय की वित्तीय जरूरतों का व्यावहारिक समाधान निकलेगा।
मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी।
NUSRL क्या है?
NUSRL (National University of Study and Research in Law) झारखंड की राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (National Law University) है। इसकी स्थापना वर्ष 2010 में झारखंड सरकार के अधिनियम के तहत की गई थी। यह देश के प्रमुख राष्ट्रीय लॉ विश्वविद्यालयों में शामिल है और यहां बी.ए.-एलएलबी (ऑनर्स), बीबीए-एलएलबी (ऑनर्स), एलएलएम तथा पीएचडी जैसे पाठ्यक्रम संचालित होते हैं। विश्वविद्यालय में प्रवेश CLAT के माध्यम से होता है।
















