ट्रेड लाइसेंस की प्रक्रिया का सरलीकरण हो : चैंबर.
राँची : फेडरेशन चैंबर और रांची नगर निगम के संयुक्त प्रयास से पिछले एक सप्ताह से लगाये जा रहे कैंप में व्यापारियों की भारी उपस्थिति यह दर्शाती है कि व्यापारी स्वेच्छा से ट्रेड लाईसेंस लेने के लिए ईच्छुक हैं किंतु कागजी उलझनों के कारण 25-30 फीसदी लोग ही लाइसेंस ले पाये। जबकि अधिकांश लोग कागजी कार्रवाई के कारण लाइसेंस नहीं ले पाए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चैंबर महासचिव राहुल मारू ने कहा कि रेंट एग्रीमेंट दिये जाने पर भी भाडे पर व्यापार कर रहे व्यवसायियों को लाइसेंस अप्लाई करने की सुविधा नहीं दी जा रही है। व्यवसायियों की परेशानियों को देखते हुए निगम को इसकी प्रक्रिया में सरलीकरण पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हमारा मानना है कि ट्रेड लाइसेंस, व्यवसायियों पर अनावश्यक भार है क्योंकि व्यवसायी जीएसटी रजिस्ट्रेशन व अन्य विभागों से पंजीकृत होते ही हैं, वैसे में किसी भी विभाग से पंजीकरण उनकी व्यवसायिक गतिविधि का प्रमाण है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस की सार्थकता की दिशा में रांची नगर निगम को इस दिशा में एक अच्छी पहल करनी चाहिए।
विदित हो कि आज झारखण्ड थोक वस्त्र विक्रेता संघ के अलावा ब्लेसिंग मैरिज हाॅल कोकर में कैंप लगाया गया था। सफल रूप से कुल 45 व्यवसायियों का आवेदन जमा हो पाया। जबकि 40 से अधिक लोग होल्डिंग टैक्स की अपडेट रसीद व रेंट एग्रीमेंट के अभाव में लाइसेंस बनाने से वंचित रहे। उक्त जानकारी चैंबर के आरएमसी उप समिति चेयरमेन अमित शर्मा ने दी।
मौके पर चैम्बर उपाध्यक्ष किशोर मंत्री, अमित शर्मा, विकास विजयवर्गीय, प्रमोद सारस्वत, प्रकाष अरोडा, उपाध्यक्ष उमाषंकर कनोडिया, सह सचिव ब्रजेष जालान, विक्रम खेतावत, के अलावा काफी संख्या में व्यवसायी उपस्थित थे।

















