रांची में दर्दनाक हादसा: बंद कमरे में मां और ढाई साल के बेटे की मौत, दो बच्चियां गंभीर दम घुटने की आशंका

रांची: राजधानी रांची के चटकपुर शांति नगर पोखर टोला में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। एक किराए के मकान में 32 वर्षीय महिला और उसके ढाई वर्षीय बेटे का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई, जबकि परिवार की दो अन्य बच्चियां गंभीर हालत में मिलीं। प्रारंभिक जांच में बंद कमरे में कोयले के चूल्हे के धुएं से दम घुटने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही होगी।

मृतकों की पहचान पिंकी देवी (32) और उनके ढाई वर्षीय पुत्र श्रवण कुमार के रूप में हुई है। वहीं, 15 वर्षीय चंदा कुमारी और चार वर्षीय प्राची कुमारी गंभीर अवस्था में मिलीं। दोनों को पहले सेवा सदन अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया।
सुबह नहीं खुला दरवाजा, अंदर का दृश्य देख दहल गए लोग
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिंकी ने शनिवार की सुबह दरवाजा नहीं खोला. पांच बजे तक जब गेट नहीं खुला तो लोगों को शक हुआ. इसके बाद वे एस्बेस्टस हटाकर घर के अंदर घुसे तो पाया कि पिंकी और उसका बेटा श्रवण कुमार मृत पड़े हैं. जबकि चंदा कुमारी और प्राची कुमारी घायल अवस्था में जमीन पर पड़ी है. इसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत घटना की जानकारी पुलिस को दी. सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वहीं दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया. फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है. प्रथम दृष्टया घटना का कारण दम घुटना बताया जा रहा है. बताया जाता है कि बीती रात चारों जिस कमरे में सोए थे, उसी कमरे में खाना बनाने वाला कोयले का चूल्हा भी था.ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि चूल्हे के धुएं से सभी का दम घूंट गया होगा और यह घटना घटी होगी. हालांकि पुलिस का कहना है कि घटना के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
कपड़े की दुकान में काम करती थीं पिंकी
जानकारी के अनुसार, पिंकी देवी रांची की एक कपड़े की दुकान में काम करती थीं। उनके पति चंदन साहू का पहले ही निधन हो चुका था। परिवार मूल रूप से बिहार के छपरा जिले के महमदा गांव का रहने वाला था और पिछले करीब ढाई वर्षों से चटकपुर शांति नगर स्थित धन्नू यादव के मकान में किराए पर रह रहा था।
परिवार में पिंकी की सास मुन्नी देवी और ससुर पंचम साहू भी हैं। पंचम साहू टोटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि मुन्नी देवी मजदूरी करती हैं।
बंद कमरे में जल रहा था कोयले का चूल्हा
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बीती रात परिवार के चारों सदस्य एक छोटे कमरे में सो रहे थे। उसी कमरे में खाना बनाने के लिए कोयले का चूल्हा भी रखा हुआ था। आशंका है कि बंद कमरे में चूल्हे से निकले धुएं और जहरीली गैस के कारण सभी बेहोश हो गए, जिससे मां और मासूम बेटे की मौत हो गई, जबकि दो बच्चियां गंभीर रूप से प्रभावित हुईं।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल दम घुटने की आशंका है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
















