अलास्का में ट्रंप-पुतिन की होगी ऐतिहासिक मुलाकात: रूस-यूक्रेन युद्ध पर होगी निर्णायक चर्चा!
वॉशिंगटन/मॉस्को : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच आज अलास्का के एंकरेज शहर में एक ऐतिहासिक मुलाकात होने जा रही है। यह बैठक स्थानीय समयानुसार सुबह 11:30 बजे (भारतीय समयानुसार शनिवार रात करीब 1:00 बजे) शुरू होगी। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति समझौते पर चर्चा करना है, जो फरवरी 2022 से जारी है और जिसमें हजारों लोगों की जान जा चुकी है।
ट्रंप ने इस मुलाकात से पहले रूस को चेतावनी दी थी कि अगर युद्धविराम पर सहमति नहीं बनी, तो रूस को “बेहद गंभीर नतीजे” भुगतने होंगे। वहीं, पुतिन ने ट्रंप प्रशासन के शांति प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वह एक ऐसे समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं जो सभी पक्षों के हित में हो।
इस मुलाकात में रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति समझौते पर चर्चा होगी। ट्रंप ने संकेत दिया है कि समझौते में “कुछ क्षेत्रों की अदला-बदली” शामिल हो सकती है, हालांकि इस बयान को उन्होंने बाद में इससे इनकार किया। दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने स्पष्ट किया है कि उनकी भागीदारी के बिना कोई भी शांति समझौता मान्य नहीं होगा। उन्होंने रूस पर डोनबास क्षेत्र से पीछे हटने का दबाव बनाए रखने की बात कही।
रूस ने अपनी शर्तों में खेरसॉन, लुगांस्क, ज़ापोरिज़्ज़िया, और डोनेत्स्क क्षेत्रों से यूक्रेनी सेना की वापसी, नाटो में शामिल होने की महत्वाकांक्षा छोड़ने, और पश्चिमी हथियारों की आपूर्ति बंद करने की मांग की है। यूक्रेन ने इन शर्तों को खारिज करते हुए बिना शर्त युद्धविराम और रूसी कब्जे वाले क्षेत्रों की वापसी की मांग की है।
यह मुलाकात वैश्विक कूटनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकती है। भारत ने इस शिखर सम्मेलन का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत 15 अगस्त 2025 को अलास्का में होने वाली बैठक का स्वागत करता है। यह बैठक यूक्रेन में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने और शांति की संभावनाओं को खोलने में मदद कर सकती है।”


















