रांची में टीबी मुक्त भारत पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू, 32 राज्यों के प्रतिनिधि हुए शामिल

रांची: राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत नेशनल टास्क फोर्स मेडिकल कॉलेज की बैठक सह “टीबी मुक्त भारत” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला गुरुवार से रांची में शुरू हुई। कार्यशाला का उद्घाटन झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari ने किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस राष्ट्रीय कार्यशाला में देश के 32 राज्यों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ देश के प्रतिष्ठित चिकित्सक, विशेषज्ञ और शोधकर्ता भी शामिल हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भारत को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों को और मजबूत करना है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में अभी भी छह हजार से अधिक टीबी मरीज हैं। उन्होंने कहा कि राज्य को टीबी मुक्त बनाना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि कई लोग इस बीमारी को छिपाते हैं। इसके बावजूद उन्होंने भरोसा जताया कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों, सामुदायिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
मंत्री ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए जागरूकता, समय पर जांच और नियमित उपचार सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सभी संबंधित संस्थाओं से मिलकर अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव Ajay Kumar Singh ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वर्ष 2029 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार की कोशिश इस लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले हासिल करने की है। इसके लिए राज्य में टीबी की पहचान, उपचार और निगरानी व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
















