आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति के तहत दो परिवारों को मिला जमीन.

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Team Drishti.

पलामू : नक्सली आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर चुके पलामू के दो नक्सलियों के परिवारजनों को आज  जमीन मुहैया कराया गया। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री शशि रंजन एवं पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार ने समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सली विश्रामपुर के कौड़िया निवासी कृष्णा सिंह एवं नौडीहाबाजार  के पाल्हे निवासी राजेंद्र कुमार भुईयां के नाम पर की गयी जमीन की बंदोबस्ती संबंधी कागजात उनके परिजनों को उपलब्ध कराया। कृषि/आवास के लिए गैरमजरूआ मालिक भूमि की बंदोबस्ती की गई है। मौके पर अभियान एसपी अरूण कुमार सिंह एवं अंचल अधीकारी रामनरेश सोनी भी थे। 

उपायुक्त श्री शशि रंजन ने कहा कि आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाले लाभों को उनके परिवार तक पहुंचाने का कार्य पलामू जिला प्रशासन कर रही है। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से उनके परिवार के सदस्यों को जमीन मुहैया कराई गयी है और उन्हें रोजगार से भी जोड़ा जा रहा है। जिला प्रशासन व सरकार का प्रयास है कि जो नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़े हैं, उन्हें बेहतर जिंदगी जीने का अवसर मिले। वहीं पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार ने कहा कि समाज के मुख्यधारा से जोड़ने वाले व्यक्तियों को सरकार, पलामू जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन सहयोग कर रही है। उन्होंने मुख्यधारा से जुड़कर बेहतर जीवन जीने का आह्वान किया है।  

उपायुक्त ने भूमि की बंदोबस्ती के शर्तो के अनुसार अंचलाधीकारी को बंदोबस्तधारी के बंदोबस्ती की लगान भूमि का दखल कब्जा नापी कराकर देने का निदेश दिया है। वहीं बंदोबस्तधारी को लगान एवं शेष वगैरह नियमित रूप से अदा करने की बात कही है। साथ ही उन्होंने कहा है कि बंदोबस्ती की गई जमीन विरासत योग्य होगी। किसी भी प्रकार से इसका स्थानांतरण वैद्य नहीं होगा। बंदोबस्ती भूमि की सांस्थिक अनुसूचित बैंक के पास केवल बंधक रखा जा सकता है। 

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