सिमडेगा पुलिस का अनूठा प्रयास: ‘पुलिस मैन ऑफ द वीक’ बन रहा है प्रेरणा का स्रोत

सिमडेगा पुलिस का अनूठा प्रयास: ‘पुलिस मैन ऑफ द वीक’ बन रहा है प्रेरणा का स्रोत

शंभू कुमार सिंह 

सिमडेगा जिले में पुलिस कर्मियों का मनोबल ऊंचा रखने और जनता को बेहतर पुलिसिंग प्रदान करने के उद्देश्य से सिमडेगा पुलिस ने एक अनूठी पहल शुरू की है। करीब दो महीने पहले सिमडेगा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) एम. अर्शी द्वारा शुरू की गई ‘पुलिस मैन ऑफ द वीक’ योजना ने न केवल पुलिस कर्मियों में उत्साह बढ़ाया है, बल्कि जिले में पुलिसिंग की गुणवत्ता को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

‘पुलिस मैन ऑफ द वीक’ योजना का उद्देश्य

इस योजना के तहत प्रत्येक सप्ताह उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा और सकारात्मक सोच प्रदर्शित करने वाले पुलिस कर्मियों को चुना जाता है। चयनित कर्मियों को एसपी सिमडेगा के हाथों पुरस्कृत किया जाता है, और उनकी तस्वीर जिले के सभी थानों व पुलिस प्रतिष्ठानों के नोटिस बोर्ड पर एक सप्ताह तक प्रदर्शित की जाती है। इस पहल ने पुलिस कर्मियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को जन्म दिया है, जिसका सीधा लाभ जिले को बेहतर पुलिसिंग के रूप में मिल रहा है।

चयन प्रक्रिया और पुरस्कार

एसपी एम. अर्शी ने बताया कि ‘पुलिस मैन ऑफ द वीक’ के लिए चयन हेतु एक समिति गठित की गई है, जिसमें वरीय पुलिस उपाधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सार्जेंट मेजर, और विभिन्न अंचलों के पुलिस निरीक्षक शामिल हैं। यह समिति हर सप्ताह आरक्षी से लेकर सहायक अवर निरीक्षक (स.अ.नि.) संवर्ग तक के कर्मियों में से सर्वश्रेष्ठ का चयन करती है।

पिछले दो महीनों में इस योजना के तहत 9 पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत किया जा चुका है। इनमें यातायात आरक्षी गोविंद कुमार अखौरी, कुरडेग थाना आरक्षी फगुआ मुंडा, सदर थाना की महिला आरक्षी रसोलिया तोपनो, विदेशी शाखा आरक्षी सुमित कुमार ठाकुर, एसपी कार्यालय की महिला सहायक आरक्षी सरिता कुमारी, ओड़गा ओपी आरक्षी विपुल कच्छप, बानो थाना आरक्षी पियुष होरो, एसी/एसटी थाना की महिला आरक्षी अरुणा खाखा और बांसजोर थाना हवलदार रवि कुमार टुटी शामिल हैं।

बेहतर पुलिसिंग का असर

‘पुलिस मैन ऑफ द वीक’ पहल ने पुलिस कर्मियों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा की है। हर कर्मी अब खुद को बेहतर साबित करने की दौड़ में शामिल है, जिसका परिणाम जिले में बेहतर कानून-व्यवस्था और जनसेवा के रूप में सामने आ रहा है। यह योजना न केवल पुलिस कर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है, बल्कि सिमडेगा पुलिस के लिए एक मील का पत्थर भी साबित हो रही है।

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