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जिंदगी की जंग लड़ रहा है ट्रैक्टर दुर्घटना में घायल 15 वर्षीय अतुल

चतरा ब्यूरो चंद्रेश शर्मा

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सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ

बीमार बेटे के ईलाज के लिए मां को मसीहा का इंतजार

चतरा। चतरा जिले के नक्सल प्रभावित प्रतापपुर प्रखंड के जोगियारा पंचायत अंतर्गत मैराग कलां गांव निवासी 15 वर्षीय अतुल भारती खाट पर अपनी बेबश जिंदगी का जंग लड़ रहा है। करीब चार वर्ष पूर्व ट्रैक्टर दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी अतुल का समुचित उपचार आर्थिक अभाव में नहीं हो पा रहा है। जिसके कारण दिन प्रतिदिन उसकी स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। अतुल अपने घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था। उसके कंधों पर ही अपनी माँ समेत अन्य पारिवारिक सदस्यों के पालन-पोषण की जिम्मेवारी थी। लेकिन आज जख्मी हालत में न सिर्फ वह अपनी माँ के कंधों पर बोझ बनकर रह गया है बल्कि उसके ईलाज में जमीन जायदाद तक बिक चुकी है। अनुसूचित जाति से तालुकात रखने के बावजूद उसे अबतक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। ऐसे में घर के सामान व जमीन बेचकर अपने लाचार बेटे का ईलाज करा रही बेबश माँ की हिम्मत भी जवाब देने लगी जवाब देना भी लाजमी है। अपने कलेजे के टुकड़े को फिर से ठीक कर देने की चाहत में उसकी माँ अनीता भारती ने जिंदगी का एकमात्र सहारा जमीन तक बेच दिया। लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। जिसके बाद से आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही लाचार माँ अब अपने बीमार बेटे के उपचार के लिए किसी मसीहा का इंतजार कर रही हैं। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी सरकारी कार्यालयों और जनप्रतिनिधियों का चक्कर काटने के बाद भी न तो उसकी ओर किसी ने मदद का हाथ बढ़ाया और ना ही उसके बेटे की इलाज हो सकी है। अनीता ने बताया कि एक्सीडेंट के बाद ट्रैक्टर मालिक ने भी मदद करने के बजाय हाथ खड़े कर दिए थे। जिसके बाद वह घर जमीन बेचकर किसी तरह गया और रांची में अपने बेटे का इलाज कराया। लेकिन सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी हुए उसके बेटे को अभी तक उपचार का कोई फायदा नहीं हुआ। वह लकड़ी चुनकर किसी तरह अपने व अपने मजबूर बेटे का पेट पाल रही है। दरअसल ट्रैक्टर में मजदूरी करने वाला अतुल सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। उसे गंभीर आंतरिक चोटें आई थी। जिसके बाद जमीन बेचकर और साहूकारों से कर्ज लेकर उसकी माँ ने उसकी सरकारी से लवकर महंगे प्राइवेट अस्पतालों में ईलाज कराई। लेकिन ऑपरेशन तक होने के बावजूद वह ठीक नहीं हुआ। वर्तमान में वह यूरिन इंफेक्शन से जूझ रहा है। ऐसे में उसे और उसके परिजनों को मौत या किसी मशीहे का इंतजार है। अतुल को सरकारी स्वास्थ्य योजना की सख्त आवश्यकता है। इधर इस पूरे मामले में सिविल सर्जन ने अतुल का समुचित इलाज कराने का आश्वासन दिया है।

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