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रांची में गहराया जल संकट: गर्मी में पानी के लिए हाहाकार, नगर निगम की व्यवस्था नाकाफी

रांची में गहराया जल संकट: गर्मी में पानी के लिए हाहाकार, नगर निगम की व्यवस्था नाकाफी

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रांची, 14 मई : झारखंड की राजधानी रांची में गर्मी की शुरुआत के साथ ही जल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। शहर के कई इलाकों में पानी की किल्लत के कारण लोग परेशान हैं। हरमू, मोरहाबादी, धुर्वा, एचईसी, और फुरहुरा टोली जैसे क्षेत्रों में सुबह-शाम पानी के लिए मारामारी की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नल सूखे पड़े हैं और टैंकरों की आपूर्ति भी जरूरत के मुताबिक नहीं हो रही।

पानी को तरसती रांची

जानकारी के मुताबिक रांची नगर निगम के पास उपलब्ध  टैंकरों से डबल शिफ्ट में कई स्थानों पर पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रही है। । शहर के 20 से अधिक वार्डों में जल संकट की स्थिति बनी हुई है। कांके डैम, जो शहर की 30% आबादी की जलापूर्ति का प्रमुख स्रोत है, में गाद और कीचड़ के साथ साथ नालियों की आने वाली पानी से  पानी की गुणवत्ता और मात्रा दोनों प्रभावित हो रही हैं। जिससे गर्मी के दिनों में जलापूर्ति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

इंद्रपुरी  के निवासी नीरज कुमार ने बताया, “हमारे क्षेत्र में नगर निगम की ओर से कोई बुनियादी सुविधा नहीं है। पानी के टैंकर को देख तो कई दिन हो गए है । हर घर जल वाली स्कीम फेल है सारे घरों में पाइप तो लगी हुई है मीटर लगा हुआ है लेकिन पानी की एक बूंद तक नहीं आती है ” वहीं, चित्रगुप्त नगर की रीना देवी ने कहा, “टैंकर तो छोड़िए सप्लाई वाटर भी फेल है जिनके घरों में बोरिंग है वहां से पानी लाना पड़ता है । ये सिर्फ होल्डिंग वसूलने आते है ।  सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा साफ दिख रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कांके डैम में गाद का जमाव, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की कमी, और अनियोजित शहरीकरण जल संकट के प्रमुख कारण हैं। रांची में हर घर बोरिंग भी इसका प्रमुख कारण है इससे वाटर लेवल नीचे चला गया है पुराने मकान में तो छोड़िए नए-नए जो मकान बन रहे हैं उनमें भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं लग रहा है सिर्फ फ्लैट चुकी सरकार से नक्शा पास करना पड़ता है तो वहीं पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगता है ऐसे तो वहां भी सिर्फ कागज में दिखावे का होता है लेकिन कुछ जगह पर लगता है

वैसे विपक्षी दल बीजेपी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि जल संकट हेमंत सरकार की लापरवाही का नतीजा है। बीजेपी के एक एक्स पोस्ट में लिखा गया, “रांची के मोहल्लों में पानी के लिए मारामारी है, लेकिन सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं।”

जल संकट से निपटने के लिए विशेषज्ञ लंबे समय तक चलने वाली योजनाओं की वकालत कर रहे हैं। इनमें डैम की नियमित ड्रेजिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य करना, और भूजल रिचार्ज के लिए ठोस कदम शामिल हैं। स्थानीय निवासियों की मांग है कि सरकार तत्काल प्रभाव से टैंकरों की संख्या बढ़ाए और जलापूर्ति की नियमित निगरानी करे।

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