पश्चिम बंगाल मे मुख्यमंत्री के साथ बनाए गए दो उपमुख्यमंत्री, विभागों का भी हुआ बंटवारा
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होता दिख रहा है। शिबेन्दु अधिकारी के नए सरकार के मंत्रिमंडल गठन को लेकर जारी चर्चाओं के बीच अब एक नई रूपरेखा सामने आई है, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ-साथ दो उपमुख्यमंत्रियों (Deputy CM) की नियुक्ति की गई है। इस कदम को राज्य के प्रशासनिक ढांचे में संतुलन बनाने और विकास कार्यों को गति देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
सुवेंदु अधिकारी ने संभाली मुख्यमंत्री की कमान
जारी की गई नई सूची के अनुसार, सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री पद के साथ-साथ वे कई महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व भी करेंगे, जिनमें शामिल हैं:
गृह एवं पर्वतीय मामले (Home and Hill Affairs)
कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार
भूमि एवं भूमि सुधार
शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास निगरानी
दो उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति से बढ़ा कद
प्रशासनिक कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए दो कद्दावर नेताओं को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई है:
1. दिलीप घोष (उपमुख्यमंत्री):
इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके पास पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा पश्चिमांचल उन्नयन मामले जैसे अहम विभाग रहेंगे।
2. अग्निमित्रा पॉल (उपमुख्यमंत्री):
इन्हें राज्य की आर्थिक प्रगति और तकनीकी विकास का जिम्मा दिया गया है। इनके पास उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की जिम्मेदारी होगी।
प्रशासनिक दृष्टिकोण से क्या हैं मायने?
विशेषज्ञ डॉ प्रणव कुमार बब्बू और उपेंद्र सिन्हा का मानना है कि दो उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला राज्य के विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को समान प्रतिनिधित्व देने की रणनीति का हिस्सा है। जहाँ एक ओर दिलीप घोष ग्रामीण बंगाल पर ध्यान केंद्रित करेंगे, वहीं अग्निमित्रा पॉल के पास औद्योगिक निवेश और डिजिटल क्रांति को बढ़ावा देने का जिम्मा होगा।


















