हजारीबाग पुलिस की बड़ी सफलता: नए साल की रात हुई निर्मम हत्या का उद्भेदन, 8 अभियुक्त गिरफ्तार
हजारीबाग : हजारीबाग जिले के लोहसिंघना थाना क्षेत्र में 1 जनवरी 2026 की रात को इंद्रपुरी चौक के पास डीजे बजाने के विवाद से उपजी मारपीट में एक युवक की निर्मम हत्या और एक अन्य व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने के मामले का पुलिस ने मात्र 11 दिनों में सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में कुल।8 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नए साल की पूर्व संध्या पर कोलघटी क्षेत्र में डीजे के तेज़ आवाज़ को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। प्रतिशोध की भावना से लैस अपराधियों ने तलवार, डंडा और अन्य धारदार हथियारों से लैस होकर रात करीब 10 बजे इंद्रपुरी चौक के समीप सूरज कुमार राणा (30 वर्ष, निवासी मंडई खुर्द, पेशे से टाइल्स-मार्बल मिस्त्री) पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में सूरज कुमार राणा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बचाव करने आए कुलदीप सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतक की पत्नी काजल कुमारी के लिखित आवेदन पर लोहसिंघना थाना में कांड संख्या 01/26 दर्ज किया गया, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की विभिन्न धाराओं (191(2), 191(3), 126(2), 115(2), 117(2), 118(2), 324(4), 324(6), 109(1), 103(1)) के तहत मामला दर्ज है।
हत्या के मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर), श्री अमित आनंद के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने नई दिल्ली, नोएडा (यूपी), भिलाई (छत्तीसगढ़), रांची, रामगढ़, चतरा और बड़कागांव क्षेत्रों में लगातार छापेमारी की।
10 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना पर नोएडा सेक्टर-126 से 3 मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के आधार पर बड़कागांव थाना क्षेत्र के पिपराडीह गांव से 4 अन्य अभियुक्त गिरफ्तार वहीं कोलघटी से एक विधि-विवादित किशोर को निरुद्ध किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों में राहुल कुमार यादव, रौशन यादव, दीपक यादव उर्फ दीपक कुमार, सोनु कुमार उर्फ सोनु साव, राहुल कुमार उर्फ लोला, अमन कुमार उर्फ रोहन उर्फ तन्नू उर्फ खड़ा, मुकेश कुमार यादव और एक विधि-विवादित किशोर शामिल है। पुलिस ने इनके पास से खून लगा हुआ तलवार, खून लगा हुआ बेसबॉल बैट बरामद किए हैं। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों का पूर्व में आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ लोहसिंघना, कोर्रा एवं अन्य थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

















