108 Ambulance Service Contract Cancelled in Jharkhand

झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा का करार रद्द: लापरवाही और कर्मचारियों के शोषण पर स्वास्थ्य विभाग सख्त

108 Ambulance Service Contract Cancelled in Jharkhand

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रांची: झारखंड में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में ‘108’ एम्बुलेंस सेवा का संचालन करने वाली एजेंसी का एकरारनामा (Contract) रद्द कर दिया गया है। एजेंसी पर सेवा में भारी लापरवाही बरतने और श्रम कानूनों के उल्लंघन का गंभीर आरोप है।

क्या है पूरा मामला?

स्वास्थ्य विभाग को लंबे समय से 108 एम्बुलेंस सेवा के संचालन को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। विभाग ने अपनी जांच में पाया कि एजेंसी न केवल मरीजों की सेवा में कोताही बरत रही थी, बल्कि अपने कर्मचारियों के हितों के साथ भी खिलवाड़ कर रही थी। विभाग ने इसे ‘गंभीर अनियमितता’ करार देते हुए एजेंसी की सेवाएं समाप्त करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

एजेंसी पर लगे प्रमुख आरोप

विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट और कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर एजेंसी पर निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुए हैं:

वेतन भुगतान में देरी: एजेंसी राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय का समय पर भुगतान करने में विफल रही।

सामाजिक सुरक्षा का अभाव: कर्मचारियों को EPF (भविष्य निधि) और ESI (कर्मचारी राज्य बीमा) जैसी अनिवार्य वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही थीं।

श्रम कानूनों का उल्लंघन: कार्यस्थल पर बुनियादी नियमों की अनदेखी की जा रही थी, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष था।

सेवा की गुणवत्ता पर असर: कर्मचारियों के असंतोष और व्यवस्था की कमी का सीधा असर आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं की दक्षता पर पड़ रहा था, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही थी।

मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता

सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि एजेंसी का अनुबंध रद्द होने के बावजूद मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि जब तक नई एजेंसी का चयन नहीं हो जाता, तब तक मौजूदा कंपनी ही एम्बुलेंस सेवा का संचालन जारी रखेगी। इससे राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहेंगी।

सुधार की दिशा में कदम

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों का संतोषजनक कार्य वातावरण सीधे तौर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा है। अब देखना होगा कि नई एजेंसी के चयन के बाद राज्य में एम्बुलेंस सेवाओं में किस प्रकार के सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।

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