कोयला खदान में चट्टान गिरने से 2 मजदूरों की मौत, कई के दबे होने की आशंका
धनबाद जिले में एक दर्दनाक हादसे में कोयला खदान में चट्टान धसने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कम से कम पांच अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। यह घटना ईसीएल (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के मुगमा क्षेत्र में चापापुर कोलियरी ओपन कास्ट माइंस (ओसीपी) में मंगलवार दोपहर को हुई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जानकारी के मुताबिक, दर्जनों स्थानीय ग्रामीण कोयला चुनने के लिए खदान में उतरे थे। इसी दौरान अचानक कोयले की एक बड़ी चट्टान खिसक गई, जिसके मलबे में कई लोग दब गए। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल को गंभीर हालत में धनबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों की पहचान निरसा थाना क्षेत्र के तालबेडिया गांव के निवासियों के रूप में हुई है।
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। बताया जा रहा है कि कुछ ग्रामीण शवों को लेकर मौके से फरार हो गए। मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश जारी है, लेकिन फंसे हुए लोगों की सटीक संख्या अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
निरसा के विधायक अरुप चटर्जी ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कोल इंडिया प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, लेकिन कोल इंडिया और प्रशासन इसकी रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।” उन्होंने मांग की कि खदानों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
धनबाद के कोयला खदानों में इस तरह के हादसे कोई नई बात नहीं हैं। स्थानीय ग्रामीण अक्सर अपनी आजीविका के लिए इन खदानों में कोयला चुनने जाते हैं, लेकिन अपर्याप्त सुरक्षा उपायों के कारण उनकी जान जोखिम में रहती है। इस घटना ने एक बार फिर कोयला खदानों में सुरक्षा मानकों और प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल खड़े किए हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और कोल इंडिया की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। हालांकि, मलबे में दबे लोगों को निकालने में अभी भी मुश्किलें आ रही हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।





