साहेबगंज में 200 करोड़ की राजस्व चोरी ! अवैध पत्थर खनन पर सियासी बवाल, बाबूलाल मरांडी ने सीएम को पत्र लिखा

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साहेबगंज में 200 करोड़ की राजस्व चोरी ! अवैध पत्थर खनन पर सियासी बवाल, बाबूलाल मरांडी ने सीएम को पत्र लिखा

साहेबगंज में 200 करोड़ की राजस्व चोरी ! अवैध पत्थर खनन पर सियासी बवाल, बाबूलाल मरांडी ने सीएम को पत्र लिखा


रांची/साहेबगंज, 18 अक्टूबर  – झारखंड के साहेबगंज जिले में अवैध पत्थर खनन का काला कारोबार फिर से सुर्खियों में है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर बोरियो अंचल के मौजा बिन्देरी बंदरकोला में सत्यनाथ साह नामक पत्थर माफिया पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

आरोप है कि वैध लीज के दायरे से बाहर 20 एकड़ जमीन पर धड़ल्ले से खनन कर राज्य को करीब 200 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान पहुंचाया गया है।मरांडी के पत्र के मुताबिक, सत्यनाथ साह को वर्ष 2017 में जिला खनन पदाधिकारी और उपायुक्त साहेबगंज के संयुक्त हस्ताक्षर से महज 4 एकड़ भूमि (जमाबंदी नं. 11, दाग नं. 719) पर पत्थर उत्खनन का लीज दिया गया था, जो 18 फरवरी 2017 से 17 फरवरी 2027 तक वैध है। लेकिन कथित तौर पर लीजधारक ने दाग नं. 720 और 721 पर अतिरिक्त 20 एकड़ क्षेत्र में अवैध खनन किया, जिससे सरकारी खजाने को भारी क्षति हुई।

पत्र में जिले के खनन पदाधिकारी और थाना प्रभारी पर निष्क्रियता का भी आरोप लगाया गया है, जबकि सूचक बोरियो उपप्रमुख कैलाश प्रसाद को फर्जी एफआईआर के जरिए जेल भेजा गया और धमकियां दी गईं।यह मामला जून 2025 से गर्म था, जब अंचल निरीक्षक की जांच रिपोर्ट में अवैध खनन के प्रमाण मिले थे।

रिपोर्ट के अनुसार, 22 मई 2025 को सत्यनाथ साह के खनन क्षेत्र का निरीक्षण किया गया, जिसमें दाग नं. 720-721 पर बिना अनुमति के उत्खनन के निशान पाए गए। सत्यनाथ ने इंकार किया, लेकिन प्रमाण स्पष्ट थे। कैलाश प्रसाद ने उपायुक्त को शिकायत की, जिसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी की अगुवाई में दो सदस्यीय टीम ने मापी कराई और अवैधता की पुष्टि की। बावजूद इसके, कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मरांडी ने पत्र में मांग की है कि अवैध उत्खनन का आकलन कर राजस्व वसूली हो, साइट सील की जाए, और सूचक की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों पर निजी स्वार्थ के आरोप लगाते हुए सतर्कता विभाग से जांच की भी बात कही। यह पत्र कैलाश प्रसाद की गुहार पर आधारित है, जिन्होंने पुलिस महानिदेशक और दुमका के डीआईजी को भी पत्र लिखा था।साहेबगंज अवैध खनन का हॉटस्पॉट रहा है। 2024 में सीबीआई ने 1,250 करोड़ के घोटाले की जांच में छापे मारे थे, जिसमें कई बड़े नाम फंसे।

 

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