रिम्स के सुरक्षाकर्मियों और लिफ्टमैन धरने पर बैठे , रिम्स (Rims)की व्यवस्था चरमराई

रिम्स के सुरक्षाकर्मियों और लिफ्टमैन धरने पर बैठे , रिम्स (Rims)की व्यवस्था चरमराई

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Rims Protest

झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स(Rims) की व्यवस्था आज चरमरा गई है दरअसल आज हॉस्पिटल में काम कर रहे गार्ड और लिफ्टमैन साथ ही साथ फोर्थ ग्रेड में काम करने वाले कर्मचारी ने रिम्स डायरेक्टर के चेंबर के बाहर धरना दे दिया है साथ ही इन कर्मचारियों का कहना है कि अगर अस्पताल ने आज उनकी मांगे नहीं मांगने तो वह आज से ही हड़ताल पर चले जाएंगे जिसके बाद से रिम्स्की पूरी व्यवस्था चरमरा जाएगी.  जाहिर है रिम्स की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेवारी इन निजी सुरक्षाकर्मियों की होती है, जिनके भरोसे रिम्स में इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों को इलाज करवाने में यह सुरक्षाकर्मी काफी मदद करते हैं। लेकिन पिछले 4 महीने से इन्हें वेतन नहीं मिलने के बाद आज हड़ताल पर चले गए, जिसके बाद रिम्स की व्यवस्था आज ठप है।

आरोप पिछले 4 महीने से नहीं मिला है वेतन

आरोप है कि यहां पर कार्यरत सुरक्षाकर्मी और ट्रॉली कर्मी पिछले 4 महीनों से वेतन नहीं मिला है खबर यह भी है कि आप इन लोगों को रिम्स से हटाने की अधिसूचना भी जारी हो गई है जिसके विरोध में हड़ताल पर हैं। इलाज कराने पहुंचे मरीज और उनके परिजन भटक रहे हैं। दरअसल इन के मार्फत से भूल भुलैया जैसी रिम्स में व्यवस्था बन पाती है, आज से वह भी बंद है। बात दें कि इनके हड़ताल पर जाने से रिम्स में बिना रोक-टोक आवाजाही होने लगेगी, हंगामा भी होगा। ट्रॉली मैन नहीं होंगे, तो परिजनों को खुद ही मरीजों को यहां-वहां ले जाना पड़ेगा।

होम गार्ड जवानों को ड्यूटी पर लगाया जाए

जाहिर है कि पिछले दिनों रिम्स के निदेशक ने मीडिया को कहा कि सरकार 27 अगस्त को एक पत्र भेजा है और कहा कि रिम्स की सुरक्षा में कर्मियों को वहां हटाया जाए, जितनी जरुरत है उसके लिए होम गार्ड जवानों को ड्यूटी पर लगाया जाए। इसके बाद से निदेशक ने इस पर पहल शुरु कर दी। उन्होंने बताया कि हमारे आने के पहले से कई प्रकार टेंडर लंबित थे। जिसको एक एक कर शार्ट आउट किया जा रहा है।

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