जानिए 40 करोड़ की लीड ED को कैसे मिली । ईमानदार बनने वाले PS का ढोंग खुला

जानिए 40 करोड़ की लीड ED को कैसे मिली । ईमानदार बनने वाले PS का ढोंग खुला

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जानिए कैसे एक ईमानदार का चोला पहने वाले  PS का ढोंग  ईडी ने खोला और अब इसकी जड़ में कौन-कौन लोग आ सकते हैं

खबरों के मुताबिक  ईडी की टीम को ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम के PS  संजीव लाल पर पहले से शक था और इसके लिए उन्होंने झारखंड के मुख्य सचिव को भी पत्र लिखा था कि ग्रामीण विकास विभाग में काफी करप्शन है और इसकी जांच की जाए।  और मामले में एफआईआर दर्ज किया जाए लेकिन काफी दिन बीत जाने के बाद भी जब कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुआ तो ईडी की टीम संजीव लाल के ऊपर निगरानी रखने लगी । ईडी की दो दो टीम संजीव लाल और उसके नौकर जहांगीर पर नजर रखने लगे ।

ऐसे में पता चला कि संजीव लाल का नौकर जहांगीर गाड़ी खाना चौक वाली गली में घुसकर बैग रखता है और फिर वापस आ जाता है लेकिन इस दौरान कोई बैग नही होता है ।  यह लीड ईडी के लिए बहुत बड़ी लीड थी और इसी लीड पर ईडी ने जब छापा मारा तो 35 करोड रुपए से ऊपर जप्त हुए । जाहिर है झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग में ठेकों में कमीशनखोरी  चरम पर थी ।ठेकेदार राजीव कुमार सिंह के मेकॉन वाटिका स्थित फ्लैट में छापेमारी कर  करोड़ो बरामद किया है. जिसके बाद ठेकेदार राजीव सिंह उर्फ राजू को लेकर ईडी ने कई खुलासे किए हैं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईडी ने जांच में खुलासा किया है कि बीते एक माह में ठेकेदारों से वसूली कर राजीव कुमार सिंह ने दस करोड़ रुपये मंत्री आलमगीर आलम के ओएसडी संजीव लाल को दिए थे. । रिपोर्ट्स के मुताबिक मंगलवार को  संजीव लाल के नौकर जहांगीर, कारोबारी साझेदार मुन्ना कुमार सिंह के यहां से बरामद 35.23 करोड़ रुपये के स्रोत की जांच के दौरान राजीव कुमार सिंह का नाम उभर कर सामने आया था.

ईडी ने छापेमारी के बाद संजीव लाल को रात दो बजे ईडी ने गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके बाद ठेकेदार व इंजीनियरों के ठिकाने पर दबिश दी. इस दौरान पैसे की बरामदगी के बाद बैंक से नोट गिनने की मशीन मंगायी गई थी.

ईडी की टीम ने राजीव कुमार सिंह के साथ इंजीनियर राजकुमार उरांव के आवास, इंजीनियर अर्जुन मुंडा के आवास समेत पांच ठिकानों पर भी छापेमारी की.

ईडी  जानकारी के अनुसार जहांगीर के गाड़ीखाना स्थित फ्लैट से जो 31.20  करोड़ मील  वह महज तीन माह में जमा रकम थे । . फ्लैट की खरीद भी कुछ माह पूर्व जहांगीर के नाम पर  हुई थी ।  मुन्ना सिंह के यहां से बरामद 2.93 करोड़ रुपये भी यहीं शिफ्ट किए जाने थे,
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