झारखंड के बोकारो जिले में झारखंड में मौजूद हेमंत सोरेन की सरकार का निकाला गया शव यात्रा!

झारखंड के बोकारो जिले में झारखंड में मौजूद हेमंत सोरेन की सरकार का निकाला गया शव यात्रा!

विस्थापितों ने सोरेन सरकार के मंत्रियों का निकाला शव यात्रा :

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

झारखंड के बोकारो जिले में झारखंड में मौजूद हेमंत सोरेन की सरकार का निकाला गया शव यात्रा!

 

रिपोर्ट: अनिल कुमार (बोकारो)

Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट के लिए अपनी जमीन देने वाले 19 विस्थापित गांव के लोगों ने रविवार को बोकारो के तिरंगा पार्क से झारखंड सरकार का शव-यात्रा निकाला गया…

झारखंड के बोकारो जिले में झारखंड में मौजूद हेमंत सोरेन की सरकार का निकाला गया शव यात्रा!

(The funeral procession of the ministers of the government was taken out) कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ प्रकाश सिंह के अगुवाई में इस विरोध प्रदर्शन किया गया।कार्यक्रम के दौरान हिंदू रीति रिवाज के तहत मुख्यमंत्री सहित 10 मंत्रियों का शव यात्रा निकाला गया प्रत्येक सब को चार-चार व्यक्ति अपने-अपने कंधों पर उठाए हुए थे,वही शव रूपी चिता को अग्नि देने के लिए कुछ युवाओं ने पारंपरिक तरीके से माटी के बर्तन में आग लेकर चल रहे थे….

राजधानी रांची में बीजेपी के संयुक्त प्रेस वार्ता हुई आज,  असम के मुख्यमंत्री झारखंड के डीजीपी को दिया चेतावनी

बाकी ग्रामीणों ने आक्रोश को व्यक्त करने के लिए हाथों में काले रंग का गुब्बारा पकड़ रखा था। विस्थापित ग्रामीण हेमंत सोरेन सरकार विरोधी नारेबाजी भी कर रहे थे, जिनका एक ही मांग था विस्थापित को पंचायत का दर्जा दिया जाएl वही डॉ सिंह ने बताया कि विस्थापितों का आंदोलन पंचायत को लेकर लगातार चल रहा है।धनबाद के लोकप्रिय सांसद ढुल्लु महतो जी ने संसद भवन में भी इनकी मांगों को गंभीरता पूर्वक रखा है।राज्य के युवा मुख्यमंत्री ने चुनाव के वक्त कहा था की सरकार बनते ही पहले कैबिनेट में विस्थापितों को पंचायत का अधिकार देंगे,बात यही नहीं 20 से 25 दिन पहले राज्य के पंचायती राज मंत्री इरफान अंसारी ने भी लोगों को मीडिया के माध्यम से कहा था कि एक हफ्ते के भीतर पंचायत का दर्जा देंगे परंतु आज लगभग 1 महीने पूरे होने के बावजूद इस सरकार ने विस्थापितों की कोई सुध नहीं ली ऐसी स्थिति में सैकड़ो ग्रामीण महिलाएं और पुरुष सड़कों पर उतरते कहां की अगर चुनाव से पहले उन्हें पंचायत नहीं मिला तो एक भी सरकार के नेताओं को गांव में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और गलती से प्रवेश भी कर गए थे उन्हें खदेर-खदेर कर ग्रामीण भगाने का काम करेंगे और सत्ता से उखाड़ फेकेगे। मौके पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष रामलाल सोरेन, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष नजमुल होदा, गोपी डे, अमित पुरी, रामपद सिंह, सुबोध मंडल, गोपाल महतो आदि थे।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now