20250403 185150

अवैध बालू खनन पर रोक लगाने की मांग, अबुआ अधिकार मंच ने जिला प्रशासन को सौंपा पत्र

 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

• अवैध बालू खनन पर रोक लगाने की मांग, अबुआ अधिकार मंच ने जिला प्रशासन को सौंपा पत्र

रांची। रांची जिले के सिल्ली, बुंडू और सोनाहातू क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध बालू खनन और उसके परिवहन को रोकने के लिए अबुआ अधिकार मंच ने रांची के उपायुक्त, रांची जिला उप महानिरीक्षक सह वरीय पुलिस अधीक्षक और जिला खनन पदाधिकारी को पत्र सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अबुआ अधिकार मंच ने पत्र में अवैध खनन के कारण नदियों के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे, पुल– पुलियों को हो रहे नुकसान, हाथी कॉरिडोर पर बढ़ते संकट और पर्यावरण को हो रही क्षति पर गहरी चिंता जताई है। इस अवैध कारोबार के कारण सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अवैध बालू खनन के कारण सिल्ली, बुंडू और सोनाहातू क्षेत्र की नदियां विलुप्ति के कगार पर पहुंच रही हैं। कई पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, इन नदियों के किनारे से गुजरने वाले हाथियों के मार्ग पर भी बाधा उत्पन्न हो रही है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।

सरकार को हो रहे राजस्व नुकसान के साथ-साथ इस कारोबार की वजह से बालू की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है। बालू घाटों से मात्र रु. 5,000 में निकलने वाला बालू रांची पहुंचते-पहुंचते रु. 45,000 तक पहुंच जाता है, जिससे आम लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। इस अवैध धंधे के खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्रामीणों को भी दबाने और धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। अबुआ अधिकार मंच ने शिकायत की है कि सोनाहातू थाना प्रभारी अवैध बालू खनन कारोबार को समर्थन करते हैं तभी उनके द्वारा इस अवैध धंधे के खिलाफ जागरूक ग्रामीणों द्वारा जन जागरण चलाने, अवैध बालू खनन और परिवहन को सोशल मीडिया को उजागर करने के को लेकर ग्रामीणों को धमकाने का प्रयास उनके द्वारा किया जा रहा है।

अबुआ अधिकार मंच ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए और दोषी अधिकारियों एवं बालू माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मंच ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

 

Share via
Share via