आत्मनिर्भर भारत का मिसाल, खुद मूर्ति बनाकर कर रहे हैं पूजा.

सिमडेगा : शंभू कुमार सिंह/ मनोज कोनबेगी

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

सिमडेगा : सिमडेगा जिला कर ठेठईटांगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और लोकल फोर वोकल के सपने को साकार रूप देने में सुदूर गांव के अंतिम छोर के लोग भी सामने आ रहे हैं. बाघचट्टा प्रकृति की गोद पहाड़ की तराई में बसे गांव सल्याटोली जंहा शत प्रतिशत जनजातीय समुदाय (गोंड़,लोहरा,खड़िया,उरांव,एवम मुंडा जाति) के लोग निवास करते है. इन लोगों की इच्छा शक्ति ने यह सिद्ध कर दिखाया कि महगे से महंगा आयोजन सिर्फ हौसला इच्छाशक्ति पर निर्भर करता है, और इसे पूरा करने में लोकल फॉर वोकल या जुगाड़ू तकनीक का सम्मिश्रण गांव के आपसी सौहार्द को और गहरा कर रहा है.

आत्मनिर्भर भारत का मिसाल, खुद मूर्ति बनाकर कर रहे हैं पूजा.

यहां पिछले वर्ष से ही दुर्गा पूजा का आयोजन स्वयं मूर्ति बनाकर जनजातीय समुदायों के द्वारा आयोजित की जाती है. इस वर्ष भी गांव के ही पूना तिर्की के द्वारा मां दुर्गा, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, भगवान श्री गणेश एवम भगवान कार्तिक की मूर्ति बनाई गई है, और Covid 19 के गाइड लाइन के नियम का अनुपालन करते हुए पूरी विधि विधान के साथ सादगी पूर्ण तरीके से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है.

आत्मनिर्भर भारत का मिसाल, खुद मूर्ति बनाकर कर रहे हैं पूजा.

विश्व हिंदू परिषद और विभिन्न हिंदू संगठनों में सक्रिय भूमिका अदा कर चुके सह समाज सेवी शीतल प्रसाद, सल्याटोली दुर्गा पूजा समिति के दोनों संरक्षक इसहाक डुंगडुंग, मतीयस बागे से मिलकर उन्हें नवरात्रि की शुभकामना और समाज के लिए दिए जा रहे हैं अमूल्य योगदान के लिए भूरी भूरी प्रशंसा की.

आत्मनिर्भर भारत का मिसाल, खुद मूर्ति बनाकर कर रहे हैं पूजा.

रेंगारी थाना के सहायक सब इंस्पेक्टर शर्मा, सिमडेगा जिला गोंड़ महासभा के प्रमुख पदाधिकारी एतवा मांझी ने सामूहिक रूप से पूजन स्थल का फीता काटकर उद्घाटन किया. पुरोहित की भूमिका निर्वाह कर रहे पुरुषोत्तम दास पूरे वैदिक मंत्रोचार व विधि विधान से मां की पूजा अर्चना में महती भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मां की पूजा प्रकृति के संरक्षण व आपसी सौहार्द को बढ़ावा देता है, मां के साधकों के लिए प्रकृति जीव व मानवता का संरक्षक होने का सौभाग्य मिलता है.

आत्मनिर्भर भारत का मिसाल, खुद मूर्ति बनाकर कर रहे हैं पूजा.

मौके पर मनोज कोनबेगी, रघुनाथ बेसरा, परशुराम दास व अन्य मुख्य रूप से उपस्थित थे. माता रानी मां दुर्गा जी का दर्शन करने वाले श्रद्धालुओ का हल्दी पानी से हाथ धोने के पश्चात सेनेटाइज करने के उपरांत दर्शन करने दिया जा रहा है. दर्शन करने वाले श्रद्धालुओ को प्रसाद के साथ श्री मद भागवत गीता, श्री हनुमान चालीसा, श्री दुर्गा चालीसा भेंट की जा रही है. दुर्गा पूजा को सफल बनाने में मुख्यरूप से सल्याटोली दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र बेसरा, सचिव सुबोध तिर्की, कोषाध्यक्ष संजय तिर्की, मर्तिकार पूना तिर्की, जग्धन माझी, चतुरराम बेसरा, दयानन्द बेसरा, नकुल मांझी, सक्रिय रुप से योगदान दे रहे हैं. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेंगारी पुलिस की टीम मुस्तैद है.

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now