रात में भी मिलेगी सूरज जैसी रोशनी! अमेरिका के ‘स्पेस मिरर’ सैटेलाइट Eärendil-1 को मिली मंजूरी

अमेरिका की अंतरिक्ष स्टार्टअप Reflect Orbital एक ऐसी अनोखी तकनीक पर काम कर रही है, जो भविष्य में रात के समय भी धरती पर सूरज की रोशनी पहुंचा सकती है। कंपनी के परीक्षण मिशन Eärendil-1 के तहत एक विशाल परावर्तक (मिरर) वाला सैटेलाइट लॉन्च किया जाएगा, जो अंतरिक्ष से सूर्य की किरणों को पृथ्वी की ओर वापस भेजेगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!करीब 18 मीटर (लगभग 60 फीट) चौड़े परावर्तक शीशे से लैस यह सैटेलाइट एक समय में लगभग 5 किलोमीटर (3 मील) के क्षेत्र को हल्की रोशनी से प्रकाशित कर सकेगा। कंपनी का दावा है कि इसका उपयोग रात में चल रहे निर्माण कार्य, आपदा राहत एवं बचाव अभियान और सूर्यास्त के बाद सीमित समय के लिए सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने जैसे कार्यों में किया जा सकेगा।

कैसे करेगा काम?
Eärendil-1 पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में चक्कर लगाएगा। इसमें लगा विशाल मायलर मिरर सूर्य की किरणों को चुनिंदा स्थानों की ओर मोड़ेगा। यह रोशनी दिन के उजाले जितनी तेज नहीं होगी, बल्कि पूर्णिमा की चांदनी के आसपास की तीव्रता की होगी, जिससे सीमित समय के लिए आवश्यक कार्य किए जा सकेंगे।
वैज्ञानिकों ने जताई चिंता
हालांकि इस परियोजना को लेकर खगोलविदों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने चिंता भी व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि भविष्य में बड़ी संख्या में ऐसे मिरर-सैटेलाइट लॉन्च किए गए तो इससे प्रकाश प्रदूषण, खगोलीय अनुसंधान, वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार और मानव जैविक घड़ी (सर्कैडियन रिद्म) पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
अभी परीक्षण चरण में
Eärendil-1 फिलहाल एक डेमो मिशन है। यदि यह सफल रहता है, तो कंपनी भविष्य में ऐसे कई सैटेलाइट तैनात करने की योजना बना रही है। हालांकि इस तकनीक के व्यापक उपयोग से पहले नियामकीय मंजूरी और पर्यावरणीय प्रभावों का विस्तृत आकलन किया जाएगा।















