ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन को लेकर दावा, आजसू पार्टी से नहीं है कोई लेना देना, स्वतंत्र छात्र संगठन है आजसू. जेपीपी है राजनैतिक सहयोगी दल. आजसू एक छात्र संगठन,

ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन को लेकर दावा, आजसू पार्टी से नहीं है कोई लेना देना, स्वतंत्र छात्र संगठन है आजसू. जेपीपी है राजनैतिक सहयोगी दल. आजसू एक छात्र संगठन,

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ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन को लेकर दावा, आजसू पार्टी से नहीं है कोई लेना देना, स्वतंत्र छात्र संगठन है आजसू. जेपीपी है राजनैतिक सहयोगी दल. आजसू एक छात्र संगठन
रांची, 19 जून
ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष ललित कुमार महतो ने एक सनसनीखेज प्रेस रिलीज में झारखंड के नौजवानों को जोश से लबरेज कर दिया! इस प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है  कि जनवरी 2026 में आजसू का भव्य अधिवेशन होगा, जहां नई पीढ़ी को संगठन की कमान सौंपी जाएगी। ललित महतो ने साफ कहा, “आजसू का असली मकसद झारखंड के सपनों को पूरा करना है, न कि सियासी खेल खेलना!”

ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन को लेकर दावा, आजसू पार्टी से नहीं है कोई लेना देना, स्वतंत्र छात्र संगठन है आजसू. जेपीपी है राजनैतिक सहयोगी दल. आजसू एक छात्र संगठन,

ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन को लेकर दावा, आजसू पार्टी से नहीं है कोई लेना देना, स्वतंत्र छात्र संगठन है आजसू. जेपीपी है राजनैतिक सहयोगी दल. आजसू एक छात्र संगठन,

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आजसू का बलिदान दिवस, न कि स्थापना दिवस!
ललित महतो ने खुलासा किया कि आजसू की स्थापना 22 जून 1986 को हुई थी, लेकिन यह संगठन स्थापना दिवस नहीं, बलिदान दिवस मनाता है। “हमारा इतिहास शहादत और संघर्ष का है। आजसू हिंदुस्तान का इकलौता संगठन है जो अपने शहीदों को याद करता है, न कि तारीखों को गिनता है,” महतो ने गर्व से कहा।
आजसू पार्टी पर सनसनीखेज आरोप!
महतो ने आजसू पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा है  कि कुछ लोगों ने साजिश के तहत आजसू के नाम का गलत इस्तेमाल कर इसे 2007 में आजसू पार्टी के रूप में रजिस्टर करवाया। “यह पार्टी झारखंड गठन में शामिल नहीं थी। आज इसके नेता क्रेशर मालिक, कोयला माफिया, जमीन माफिया और निजी स्कूल-होटल मालिकों से भरे हैं, जिनका मकसद सिर्फ नौजवानों को गुमराह करना है,” महतो ने बेबाकी से जिक्र किया है की जल्द ही आजसू पार्टी सहीं हांथो में होगी।
दिल्ली तक जाएगी नौजवानों की आवाज!
ललित महतो ने ऐलान किया कि वह जल्द ही नौजवानों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली जाएंगे और मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलकर आजसू के नाम के दुरुपयोग पर कार्रवाई की मांग करेंगे। “हमारा नाम कोई लूट का जरिया नहीं बनने देंगे,”
2026 में नया अध्याय!
महतो ने बताया है कि जनवरी 2026 में होने वाले अधिवेशन में आजसू को नया नेतृत्व मिलेगा। “हम उन नौजवानों को आगे लाएंगे जो झारखंड के मूल मिशन—समानता, शिक्षा और सम्मान—के लिए लड़ेंगे।” उन्होंने यह भी साफ किया कि वह केवल उन कार्यकर्ताओं के साथ हैं, जिन्होंने कभी आजसू छोड़कर दूसरी पार्टियों का दामन नहीं थामा।
झारखंड गठन में आजसू का गौरव:
ललित महतो ने लिखा है , “1986 से लेकर 2000 तक, मैंने आजसू के बैनर तले झारखंड आंदोलन का नेतृत्व किया। हमने खून-पसीना बहाया, तब जाकर झारखंड बना। आज भी मैं उन साथियों के साथ हूं, जिनका जीवन झारखंड के लिए समर्पित है।”
नौजवानों के लिए संदेश
 ललित महतो ने झारखंड के युवाओं से अपील की, “उठो, जागो और अपने हक के लिए लड़ो! आजसू तुम्हारा मंच है। आओ, मिलकर झारखंड के सपनों को हकीकत बनाएं।”
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