तेज प्रताप यादव की खुली बगावत: सुप्रीम कोर्ट जाने की धमकी, लालू परिवार में सियासी तूफान!
बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपने ही परिवार और पार्टी के खिलाफ खुली बगावत कर दी है। तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर धमाकेदार पोस्ट करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की धमकी दी है। उन्होंने अपने खिलाफ साजिश रचे जाने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे लालू परिवार और आरजेडी में सियासी तूफान खड़ा हो गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!तेज प्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए, जिनमें उन्होंने अपनी नाराजगी और आक्रोश जाहिर किया। उन्होंने लिखा, “मेरे खिलाफ साजिश रची जा रही है। जयचंद हर जगह हैं, अंदर भी और बाहर भी। मैं सच्चाई के लिए लड़ता रहूंगा और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा।” इन पोस्ट्स में उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव का जिक्र करते हुए कहा, “मेरे अर्जुन को मुझसे अलग करने की साजिश कभी कामयाब नहीं होगी। मैं हर हाल में तुम्हारे साथ हूं।” इन बयानों से साफ है कि तेज प्रताप अपने परिवार और पार्टी के कुछ नेताओं से नाराज हैं और इसे सार्वजनिक रूप से उजागर करने से नहीं हिचक रहे।
तेज प्रताप का यह गुस्सा उनके द्वारा अनुष्का यादव के साथ 12 साल पुराने रिश्ते का खुलासा करने के बाद शुरू हुए विवाद से जुड़ा माना जा रहा है। इस खुलासे के बाद लालू यादव ने तेज प्रताप को न केवल परिवार से बेदखल किया, बल्कि 6 साल के लिए आरजेडी से भी निष्कासित कर दिया। तेज प्रताप ने हालांकि बाद में दावा किया कि उनका सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो गया था और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई। इसके बावजूद लालू का सख्त रुख और पार्टी का फैसला तेज प्रताप को रास नहीं आया।
सूत्रों के मुताबिक, तेज प्रताप को लगता है कि उनके खिलाफ पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता और परिवार के सदस्य मिलकर साजिश रच रहे हैं। उन्होंने इसे ‘जयचंद’ की संज्ञा दी, जिससे आरजेडी के भीतर और बाहर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
तेज प्रताप ने अपने पोस्ट में सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कहकर सियासी हलकों में सनसनी मचा दी है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस मुद्दे पर कोर्ट का रुख करेंगे। जानकारों का मानना है कि यह उनके निष्कासन के खिलाफ कानूनी लड़ाई या उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कथित साजिश से संबंधित हो सकता है। तेज प्रताप का यह कदम लालू यादव और तेजस्वी यादव के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर सकता है, खासकर तब जब बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं।


















