बिहार विधानसभा चुनाव 2025: राजद महासचिव कैलाश यादव ने चुनाव आयोग और नीतीश कुमार पर साधा निशाना, SIR को बताया गरीब-दलित विरोधी
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के महासचिव सह मीडिया प्रभारी कैलाश यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हालिया बयानों पर तीखा हमला बोला है। यादव ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर दलित, मजदूर, किसान और कमजोर वर्गों को वोटर लिस्ट से बाहर करने की साजिश रची जा रही है, जिसके पीछे केंद्र की मोदी सरकार का इशारा है। साथ ही, उन्होंने नीतीश कुमार के भाषाई आचरण को “अमर्यादित” और “मानसिक दिवालियापन” करार देते हुए उनकी आलोचना की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
कैलाश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक और निष्पक्ष संस्था होने के बावजूद बिहार में SIR के माध्यम से गरीब, दलित, मजदूर और किसान वर्ग को मतदाता सूची से हटाने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि SIR प्रक्रिया में आधार कार्ड, वोटर कार्ड और राशन कार्ड जैसे दस्तावेजों को मान्यता नहीं दी जा रही है, बल्कि 11 अन्य दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जो गरीब और ग्रामीण लोगों के लिए जुटाना मुश्किल है।
यादव ने सवाल उठाया कि रोजी-रोटी के लिए पलायन करने वाले मजदूर और गरीब लोग इन दस्तावेजों को कहां से लाएंगे? इसका परिणाम यह होगा कि करोड़ों गरीब लोग वोट देने से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि राजद के समर्थक और वोटर मुख्य रूप से दलित, मजदूर और कमजोर वर्ग से आते हैं, और बीजेपी इस प्रक्रिया के जरिए इन्हें वोट देने से रोकना चाहती है।
चुनाव आयोग से राजद के सवाल
कैलाश यादव ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार से चार सवाल पूछे:
1. नागरिकता तय करना चुनाव आयोग का काम नहीं**: घुसपैठ के नाम पर SIR के जरिए लोगों की नागरिकता क्यों तय की जा रही है, जबकि यह गृह मंत्रालय का विषय है?
2. SIR के तहत कितने विदेशी नागरिक पकड़े गए?**: अब तक कितने बांग्लादेशी, नेपाली या अन्य देशों के नागरिकों की पहचान हुई है?
3. SIR की निष्पक्षता पर सवाल**: विधानसभा चुनाव से ठीक पहले SIR कराना चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल क्यों उठा रहा है?
4. SIR की टाइमिंग पर सवाल**: जब लोकसभा चुनाव के बाद यह प्रक्रिया हो सकती थी, तो चुनाव से 100 दिन पहले SIR की जिद क्यों?
यादव ने कहा कि यह प्रक्रिया “पारदर्शी नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के इशारे पर हो रही है।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर यह प्रक्रिया नहीं रुकी, तो राजद और महागठबंधन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।
नीतीश कुमार पर तीखा हमला
कैलाश यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का हालिया व्यवहार और भाषा उनकी “मानसिक अस्थिरता” को दर्शाता है। यादव ने बिहार विधानसभा में नीतीश के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर अमर्यादित टिप्पणी की।
यादव ने कहा, “नीतीश कुमार का राजनीतिक जीवन लालू यादव के संरक्षण में शुरू हुआ। लालू जी ने उन्हें हमेशा छोटे भाई की तरह सम्मान दिया, लेकिन अब नीतीश जी मानसिक संतुलन खो चुके हैं। उनकी भाषा अभद्र और अशोभनीय हो गई है।” उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार अब जे.पी. नारायण और कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा के शिष्य नहीं रहे, जिनके नाम पर उन्होंने अपनी राजनीति शुरू की थी।
कर्पूरी ठाकुर और जे.पी. की विरासत पर सवाल
यादव ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि वे अब उस सेक्युलर छवि को भूल चुके हैं, जो उन्हें जे.पी. और कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा से मिली थी। उन्होंने कहा, “कर्पूरी ठाकुर ने अतिपिछड़ों और दलितों के लिए आरक्षण जैसे क्रांतिकारी कदम उठाए, लेकिन नीतीश अब बीजेपी की गोद में बैठकर उनकी विचारधारा का अपमान कर रहे हैं।” यादव ने दावा किया कि नीतीश का यह व्यवहार बिहार की जनता को स्वीकार नहीं होगा और आगामी विधानसभा चुनाव में उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
बिहार में बढ़ते अपराध और पलायन का मुद्दा
कैलाश यादव ने नीतीश सरकार पर बिहार में बढ़ते अपराध और पलायन के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार ने बिहार को “महाजंगल राज” में बदल दिया है, जहां हत्या, लूट और बलात्कार की घटनाएं आम हो गई हैं। उन्होंने पटना में हाल ही में हुए व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या का हवाला देते हुए कहा कि नीतीश सरकार कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रही है।
राजद की रणनीति
यादव ने कहा कि राजद और महागठबंधन बिहार में दलित, मजदूर, किसान और कमजोर वर्गों के हक की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने तेजस्वी यादव के नेतृत्व में 65% आरक्षण और रोजगार जैसे मुद्दों को फिर से उठाने की बात कही। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि राजद बिहार की जनता को एकजुट कर नीतीश सरकार और बीजेपी के खिलाफ मजबूत चुनौती पेश करेगा।

















