राहुल गांधी ने तेजस्वी को सीएम फेस बनाने पर साधी चुप्पी, कहा- गठबंधन में सब ठीक
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान पूर्णिया में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जब पत्रकारों ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से परहेज किया। राहुल ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा, “हमारी पार्टनरशिप बहुत अच्छे तरीके से चल रही है। कोई टेंशन नहीं है। म्यूचुअल रिस्पेक्ट है।”
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राहुल गांधी ने इस दौरान ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की सफलता पर जोर दिया और कहा कि बिहार की जनता इस यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है। उन्होंने चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए कहा, “हमारा पूरा ध्यान चुनाव आयोग के रवैये को बदलने पर है। हम बिहार में चुनाव चोरी नहीं होने देंगे।”
तेजस्वी का समर्थन, राहुल की चुप्पी
तेजस्वी यादव ने हाल ही में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी को 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर सियासी हलचल मचा दी थी। हालांकि, राहुल गांधी ने तेजस्वी को बिहार में मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने के सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस चुप्पी ने राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस मुद्दे पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस कभी तेजस्वी को मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी। बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “तेजस्वी भले ही राहुल के पीछे-पीछे घूम रहे हों, लेकिन कांग्रेस उन्हें भाव नहीं दे रही।”
महागठबंधन में सीएम फेस पर असमंजस
महागठबंधन में तेजस्वी यादव को समन्वय समिति का चेयरमैन बनाया गया है, और आरजेडी समेत कुछ सहयोगी दल उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा मान रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस ने अभी तक इस पर औपचारिक सहमति नहीं दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस का यह रुख बिहार में वोटर बेस को व्यापक करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश अश्क के अनुसार, “कांग्रेस को लगता है कि तेजस्वी को सीएम फेस घोषित करने से अगड़ी और दलित जातियों के वोट बिखर सकते हैं।”
क्या है कांग्रेस की रणनीति
कांग्रेस की ओर से तेजस्वी को सीएम फेस घोषित न करने के पीछे सीट बंटवारे पर चल रही खींचतान को भी एक वजह माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस चाहती है कि सीट बंटवारे में उसकी पसंद की सीटें मिलें, जिन पर जीत की संभावना अधिक हो। इसके अलावा, कांग्रेस बिहार में अपनी नई लीडरशिप को मजबूत करने की कोशिश में है, जिसमें कन्हैया कुमार और पप्पू यादव जैसे नेताओं को आगे किया जा रहा है।
तेजस्वी का दावा, ‘कोई मतभेद नहीं
तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर कहा, “महागठबंधन में कोई मतभेद नहीं है। थोड़ा इंतजार का मजा लीजिए।” उन्होंने दावा किया कि गठबंधन एकजुट है और बिहार में नीतीश कुमार और बीजेपी के खिलाफ मजबूती से चुनाव लड़ेगा।

















