झारखंड विधानसभा में बाबूलाल मरांडी का हमला: सूर्य हांसदा एनकाउंटर पर CBI जांच की माँग, RIMS-2 ज़मीन अधिग्रहण मुद्दा भी उठाया।

झारखंड विधानसभा में बाबूलाल मरांडी का हमला: सूर्य हांसदा एनकाउंटर पर CBI जांच की माँग, RIMS-2 ज़मीन अधिग्रहण मुद्दा भी उठाया।

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झारखंड विधानसभा में बाबूलाल मरांडी का हमला: सूर्य हांसदा एनकाउंटर पर CBI जांच की माँग, RIMS-2 ज़मीन अधिग्रहण मुद्दा भी उठाया।

झारखंड विधानसभा में बाबूलाल मरांडी का हमला: सूर्य हांसदा एनकाउंटर पर CBI जांच की माँग, RIMS-2 ज़मीन अधिग्रहण मुद्दा भी उठाया।
Babulal Marandi’s attack in Jharkhand Assembly: Demand for CBI investigation on Surya Hansda encounter, also raised RIMS-2 land acquisition issue.

नेता प्रतिपक्ष ने सदन में सरकार से दोनों ज्वलंत मामलों पर जवाब की माँग की; आरोप—पुलिस टॉर्चर के बाद हत्या, आदिवासियों की खेती योग्य ज़मीन का जबरन अधिग्रहण।

सूर्य हांसदा एनकाउंटर मामले में CBI जांच की माँग।

आरोप: पुलिस द्वारा थर्ड डिग्री टॉर्चर के बाद गोली मारकर हत्या।

दावा: सूर्य हांसदा सामाजिक कार्यकर्ता थे, गरीब-अनाथ बच्चों की सेवा करते थे।

नगड़ी RIMS-2 के लिए ज़मीन अधिग्रहण का मुद्दा—आदिवासियों की खेती योग्य ज़मीन लेने का आरोप।

रांची :झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सूर्य हांसदा एनकाउंटर मामला बेहद गंभीर है और इसकी CBI से जांच होनी चाहिए। मरांडी के अनुसार, पुलिस ने सूर्य हांसदा को “थर्ड डिग्री टॉर्चर” के बाद गोली मारकर हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि हांसदा बोरिया विधानसभा क्षेत्र से चार बार चुनाव लड़ चुके थे और अपने सामाजिक कार्यों—खासकर गरीब और अनाथ बच्चों की देखरेख—के लिए जाने जाते थे। मरांडी ने यह भी कहा कि हांसदा पर कई मुकदमे दर्ज थे, मगर अधिकांश मामलों में वे बरी हो चुके थे।

 

नेता प्रतिपक्ष ने दूसरा मुद्दा नगड़ी RIMS-2 परियोजना के लिए ज़मीन अधिग्रहण का उठाया। उनका आरोप है कि इस परियोजना के नाम पर आदिवासियों की खेती योग्य ज़मीन को जबरन लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पर पहले भी विरोध हुआ था, लेकिन सरकार का स्पष्ट जवाब अब तक सामने नहीं आया है।

मरांडी का कहना है कि इन दोनों ज्वलंत मुद्दों पर वे आज सदन के भीतर सरकार से जवाब माँगेंगे।

सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले की CBI से निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। पुलिस ने थर्ड डिग्री टॉर्चर कर उन्हें गोली मार दी। साथ ही, RIMS-2 के नाम पर आदिवासियों की खेती योग्य ज़मीन जबरन ली जा रही है—सरकार सदन में इसका जवाब दे।”

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