झामुमो का बाबूलाल मरांडी पर पलटवार: सुप्रीम कोर्ट की नसीहत के बाद डीजीपी मुद्दे पर बोलने का औचित्य नहीं

झामुमो का बाबूलाल मरांडी पर पलटवार: सुप्रीम कोर्ट की नसीहत के बाद डीजीपी मुद्दे पर बोलने का औचित्य नहीं

रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर तीखा हमला बोला है। पांडेय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की नसीहत के बाद मरांडी के पास डीजीपी नियुक्ति के मुद्दे पर सवाल उठाने का कोई औचित्य नहीं रह गया है। उन्होंने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट ने मरांडी की अवमानना याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के लिए अदालत में याचिका दायर नहीं की जानी चाहिए।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

पांडेय ने बताया कि कोर्ट की टिप्पणी के बाद मरांडी ने स्वेच्छा से अपनी याचिका वापस ले ली थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि यह मामला दो अधिकारियों के बीच प्रतिद्वंद्विता जैसा है, तब मरांडी प्रेस के मंच से सरकार और पुलिस पर आरोप लगाकर क्या साबित करना चाहते हैं?

झामुमो नेता ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार हमेशा संवैधानिक संस्थाओं और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करती है। डीजीपी नियुक्ति का मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और सरकार इसके अनुरूप ही कदम उठा रही है।

पांडेय ने विपक्षी नेताओं को चेतावनी दी कि आलोचना करते समय भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में विपक्ष का मतलब असंयमित बयानबाजी नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि जनता सब देख रही है और अगर मरांडी को वास्तव में पुलिस व्यवस्था की चिंता है, तो उन्हें अदालत के फैसलों और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now