20250913 204943

सिमडेगा में राष्ट्रीय लोक अदालत: 18,263 मामलों का निष्पादन, 1.75 करोड़ रुपये का समझौता

शंभू कुमार सिंह 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

सिमडेगा : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देशानुसार सिमडेगा जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आपसी सहमति के आधार पर कुल 18,263 मामलों का निष्पादन किया गया, जिसमें 1,75,08,560 रुपये (एक करोड़ पचहत्तर लाख आठ हजार पांच सौ साठ रुपये) की राशि पर समझौता हुआ।

राष्ट्रीय लोक अदालत का ऑनलाइन उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं झालसा के चेयरमैन द्वारा किया गया। स्थानीय स्तर पर दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ डालसा अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा, पुलिस अधीक्षक एम. अर्शी, प्राधिकार सचिव मरियम हेमरोम, एडीजे नरंजन सिंह, सीजेएम निताशा बारला, एसडीजेएम सुमी बीना होरो, न्यायिक दंडाधिकारी सुभाष बाड़ा, अपर समाहर्ता ज्ञानेंद्र, एसडीओ प्रभात रंजन ज्ञानी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने किया।

लोक अदालत: सुलभ, सस्ता और त्वरित न्याय

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डालसा अध्यक्ष राजीव कुमार सिन्हा ने कहा, “राष्ट्रीय लोक अदालत न्यायपालिका की वह विधा है जो आम जन तक सुलभ, सस्ता और त्वरित न्याय पहुंचाने का कार्य करती है। इसमें न कोई हारता है, न कोई जीतता है, बल्कि समझौते के माध्यम से सामाजिक समरसता को बल मिलता है।” उन्होंने बताया कि लोक अदालत से न केवल अदालतों पर बोझ कम होता है, बल्कि आम नागरिकों को मानसिक, आर्थिक और समय की बचत भी होती है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अधिक से अधिक लोक अदालत का लाभ उठाएं और न्यायिक प्रक्रिया में सहभागी बनें।

विभिन्न मामलों का निष्पादन

लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का निष्पादन आपसी समझौते के आधार पर किया गया। इनमें शामिल हैं:

बैंक ऋण : 523 मामले, 1,49,19,240 रुपये की वसूली पर समझौता।

बिजली बिल : 49 मामले, 3,74,000 रुपये की वसूली।

मोटर दुर्घटना मुआवजा : 2 मामले, 15,00,000 रुपये का समझौता।

चेक बाउंस : 1 मामला, 2,10,000 रुपये की वसूली।

अन्य वाद : 17,688 मामले, 5,05,320 रुपये की वसूली।

कुल मिलाकर 18,263 मामलों का निष्पादन करते हुए 1,75,08,560 रुपये की राशि पर समझौता हुआ।

सात बेंचों ने किया सुचारु निष्पादन

मामलों के त्वरित और सुचारु निष्पादन के लिए सात बेंचों का गठन किया गया था। प्रत्येक बेंच में न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, अंचलाधिकारी, उपभोक्ता मंच के सदस्य और अन्य विभागीय प्रतिनिधि शामिल थे। बेंचों का विवरण निम्नलिखित है:

बेंच 1 : नरंजन सिंह (जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश), अधिवक्ता मो. शकील, अधिवक्ता कोमल दास।

बेंच 2 : निताशा बारला (मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी), अधिवक्ता प्रद्युम्न सिंह, अधिवक्ता संजय महतो।

बेंच 3 : सुमी बीना होरो (एसडीजेएम), अधिवक्ता सुरेश प्रसाद, अधिवक्ता अनुपा खलखो।

बेंच 4 : सुभाष बाड़ा (जेएम प्रथम श्रेणी), अधिवक्ता जगदीश्वर साहू, असिस्टेंट एलएडीसीएस सुकोमल।

बेंच 5 : अंचल अधिकारी कमलेश उरांव (ठेठईटांगर), किरण डांग (कुरडेग), अधिवक्ता संत प्रसाद सिंह।

बेंच 6 : रमेश कुमार श्रीवास्तव (स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष), सदस्य लक्ष्मीकांत प्रसाद, प्रिय रंजन कुमार।

बेंच 7 : रविन्द्र कुमार (अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग), अधिवक्ता प्रेमानंदशील टोपनो।

जन जागरूकता और सुविधाएं

लोक अदालत के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी गई। जिला पुलिस, परिवहन विभाग, डालसा और अन्य विभागों ने अपने स्टॉल के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों की मुफ्त स्वास्थ्य जांच की गई। इसके अतिरिक्त, रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

सामाजिक समरसता और त्वरित न्याय का प्रतीक

राष्ट्रीय लोक अदालत ने न केवल हजारों मामलों का निपटारा किया, बल्कि सामाजिक समरसता और त्वरित न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया। यह आयोजन न केवल न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाने में सहायक रहा, बल्कि आम नागरिकों को समय और संसाधनों की बचत करने में भी मददगार साबित हुआ।

Share via
Share via