कुड़मी समाज का जोरदार विरोध: पारसनाथ रेलवे स्टेशन पर पटरी जाम, रेल परिचालन ठप

गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह जिले में कुड़मी समाज के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर डुमरी स्थित पारसनाथ रेलवे स्टेशन पर धरना शुरू कर दिया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत दर्जनों की संख्या में समाज के सदस्य रेलवे ट्रैक पर उतर आए और ढोल-नगाड़ों के साथ नारेबाजी करते हुए पटरी को जाम कर दिया। इस आंदोलन के कारण रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अलर्ट मोड पर हैं। जिला प्रशासन ने संभावित अप्रिय घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से स्टेशन के आसपास बैरियर लगाए हैं और सुरक्षा बलों को तैनात किया है। हालांकि, आंदोलनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया है और संवैधानिक अधिकारों का हवाला देते हुए मांगें मनवाने का संकल्प लिया है।

कुड़मी समाज के लोग लंबे समय से अपनी जाति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार ने कुर्मी जाति को एसटी सूची से बाहर कर दिया है, जिससे समाज के लोगों को आरक्षण और अन्य लाभों से वंचित होना पड़ रहा है। इसके अलावा, कुरमाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग भी प्रमुख है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जब तक केंद्र सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं करती, यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।”

रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों का संचालन रोक दिया है और वैकल्पिक मार्गों पर विचार कर रहा है। गिरिडीह एसपी और डीसी ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से वार्ता की कोशिश की, लेकिन फिलहाल कोई सहमति नहीं बनी। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और कानूनी प्रक्रिया का पालन करें।

















